आईटी रेड के दौरान कॉन्फिडेंट ग्रुप के चेयरमैन ने खुद को गोली से उड़ाया
भाई ने अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप
बेंगलुरु, बेंगलुरु के लैंगफोर्ड टाउन में स्थित कॉन्फिडेंट ग्रुप के मुख्यालय में शुक्रवार का दिन बेहद खौफनाक साबित हुआ। आयकर विभाग (आईटी) की छापेमारी के दौरान कंपनी के चेयरमैन सीजे रॉय ने अपने ही ऑफिस में खुदकुशी कर ली। रॉय ने अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से खुद के सीने में गोली मार ली, जिससे उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद वहां मौजूद आयकर अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटनाक्रम के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे केरल के कोच्चि और बेंगलुरु की आयकर विभाग की टीमें रॉय के कार्यालय पहुंची थीं। दोपहर 2 बजे सीजे रॉय ऑफिस पहुंचे और जांच प्रक्रिया में शामिल हुए। करीब एक घंटे तक अधिकारियों ने उनसे पूछताछ की और दस्तावेजों की समीक्षा की। दोपहर 3 बजे के आसपास रॉय ने अधिकारियों से कहा कि वे कुछ जरूरी दस्तावेज लेकर आते हैं और उन्हें अपनी मां से भी बात करनी है। यह कहकर वे अपने निजी केबिन में चले गए। इसके ठीक 10 मिनट बाद, यानी 3:10 बजे केबिन से गोली चलने की तेज आवाज आई। जब अधिकारी और कर्मचारी अंदर दौड़े, तो रॉय खून से लथपथ मिले। उन्हें तुरंत एचएसआर लेआउट के नारायण अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
सीजे रॉय के करीबियों के मुताबिक, वे अपनी सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क रहते थे। वे हमेशा अपने साथ एक ब्रीफकेस रखते थे, जिसमें उनकी लाइसेंसी पिस्तौल और कुछ बेहद महत्वपूर्ण दस्तावेज होते थे। उनके एक सहयोगी ने बताया कि यह ब्रीफकेस उनके लिए इतना अहम था कि अगर कभी वे गलती से इसे भूल जाते, तो तुरंत अपने सुरक्षाकर्मियों को भेजकर इसे मंगवाते थे। इसी पिस्तौल का इस्तेमाल उन्होंने इस आत्मघाती कदम के लिए किया।
इस दुखद घटना के बाद रॉय के भाई और व्हाइटगोल्ड के मालिक सीजे बाबू ने आयकर विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि रॉय पिछले तीन दिनों से चल रही छापेमारी और पूछताछ की वजह से मानसिक रूप से भारी दबाव में थे। बाबू ने दावा किया कि उनके भाई पर किसी तरह का कोई कर्ज नहीं था और वे आर्थिक रूप से बेहद मजबूत स्थिति में थे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि रॉय की मौत के लिए सिर्फ और सिर्फ आयकर अधिकारियों द्वारा बनाया गया अनुचित दबाव जिम्मेदार है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह ने खुद मौके का मुआयना किया। पुलिस ने फिलहाल अप्राकृतिक मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बैलिस्टिक टीम पिस्तौल की जांच कर रही है और ऑफिस के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं ताकि घटना के सही कारणों का पता चल सके। बताया जा रहा है कि रॉय की पत्नी और दोनों बच्चे दुबई में रहते हैं। उनके शनिवार सुबह तक बेंगलुरु पहुंचने की संभावना है। गौरतलब है कि सीजे रॉय न केवल रियल एस्टेट बल्कि फिल्म निर्माण और समाज सेवा के कार्यों के लिए भी जाने जाते थे।
