सड़क हादसों को रोकने तथा हादसों में घायल लोगों को तुरंत इलाज देने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे
सरकार के निर्देश अनुसार जिला महेंद्रगढ़ में सड़क हादसों को रोकने तथा हादसों में घायल लोगों को तुरंत इलाज देने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। अब सड़क हादसे में घायल कोई भी नागरिक प्राइवेट सूचीबद्ध अस्पतालों में 1.50 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज का हकदार है। इसके लिए अस्पतालों को निर्देशित कर दिया गया है। यह बात उपायुक्त डॉ विवेक भारती ने आज लघु सचिवालय में सड़क सुरक्षा समिति एवं सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी की मासिक समीक्षा बैठक के दौरान कहीं।
उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा लगातार यातायात नियमों की अवहेलना करने वालों के चालान काटे जा रहे हैं ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगे और वाहन चालकों का सुरक्षित सफर सुनिश्चित हो।
उन्होंने सड़क हादसों में घायल नागरिकों को कैशलेस की योजना के बारे में जागरूकता बढ़ाने और अस्पतालों को इसका सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए।
डीसी ने बारी-बारी से सभी एजेंडों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने जिले में सड़क दुर्घटना संभावित जगहों की पहचान कर उन्हें ठीक करने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए।
इस दौरान सचिव आरटीए मनोज कुमार ने बताया कि फरवरी माह में आरटीए की तरफ से 276 स्कूल बसों की चेकिंग की गई। इनमें 36 बसों के चालान किए गए। इसी प्रकार ट्रैफिक पुलिस की ओर से 203 स्कूल बसों की चेकिंग की गई। इनमें 6 के चालान किए गए।
इस बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त डॉ आनंद कुमार शर्मा, नगर परिषद चेयरपर्सन कमलेश सैनी, नांगल चौधरी के एसडीएम मनोज कुमार, कनीना के एसडीएम डॉक्टर जितेंद्र सिंह, नारनौल के एसडीएम रमित यादव, डीएसपी सुरेश कुमार, नगराधीश मंजीत कुमार तथा सीएमओ डॉ अशोक कुमार के अलावा अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
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सड़क हादसों में घायलों की सहायता करें नागरिक : डीसी डॉ विवेक भारती
नारनौल। उपायुक्त डॉ विवेक भारती ने आम नागरिकों से आह्वान किया है कि वे सड़क हादसों में घायल नागरिकों की सहायता करें। सबसे पहले तुरंत 112 पर डायल करें ताकि घायल को तुरंत चिकित्सा उपलब्ध करवाई जा सके। घायल की मदद करने वाले नागरिक को पुलिस थाने में नहीं बुलाएगी। पुलिस खुद सहायता करने वाले से केवल हादसे की जानकारी लेगी।
