हिमाचल में मनरेगा को लेकर मुख्यमंत्री सुक्खू और कैबिनेट आज रिज पर करेंगे उपवास
गांधी जी का नाम हटाने पर कांग्रेस का हल्ला बोल
शिमला, केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA) का नाम बदलकर कथित तौर पर ‘जी राम जी’ (G-RAM-G) करने और इसके मूल ढांचे में बदलाव के विरोध में हिमाचल प्रदेश कांग्रेस आज सड़कों पर है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उनके मंत्रिमंडल के सभी सदस्य आज शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष दो घंटे का सांकेतिक उपवास रखेंगे। विरोध का मुख्य कारण: नाम और ढांचा बदलना हिमाचल कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री कार्यालय के दबाव में आकर इस ऐतिहासिक योजना से महात्मा गांधी का नाम हटा दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय सिंह के अनुसार:
नाम परिवर्तन: योजना से गांधी जी का नाम हटाना उनकी विचारधारा पर हमला है।
अधिकारों में कटौती: नई व्यवस्था में ग्राम पंचायतों और ग्राम सभाओं की भूमिका को सीमित कर दिया गया है।
सीमित दायरा: योजना को केवल चुनिंदा नोटिफाई एरिया तक सीमित करने की कोशिश की जा रही है, जिससे ग्रामीणों की रोजगार गारंटी खतरे में है।
आज सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक चलने वाले इस उपवास में मुख्यमंत्री के साथ डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री, पार्टी की प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल, सभी मंत्री, विधायक और जिला अध्यक्ष शामिल होंगे। कांग्रेस ने इसे “मनरेगा बचाओ अभियान” का नाम दिया है।
संगठनात्मक बैठकें और रणनीति
उपवास के बाद, दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल कांग्रेस मुख्यालय ‘राजीव भवन’ में एक महत्वपूर्ण बैठक करेंगी। इसमें जिला और ब्लॉक समन्वयकों के साथ आगामी रणनीति पर चर्चा होगी।
युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस और सेवादल के पदाधिकारियों को आंदोलन को उग्र बनाने के निर्देश दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि मनरेगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। केंद्र द्वारा इसके फंड आवंटन और प्लानिंग की शक्ति को सेंट्रलाइज करना संघीय ढांचे और गरीब मजदूरों के अधिकारों के खिलाफ है। यदि केंद्र अपने फैसले को वापस नहीं लेता, तो हिमाचल कांग्रेस इस आंदोलन को ब्लॉक स्तर तक लेकर जाएगी।
