February 15, 2026

प्राकृतिक आपदा के दौरान भाजपा व केंद्र सरकार के उदासीन रवैये से उठाना पड़ रहा भारी नुकसान :चौहान

शिमला : मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान ने कहा कि प्रदेश हित एवं यहां के लोगों के प्रति भाजपा के भेदभावपूर्ण एवं दोहरे रवैये को लोगों के समक्ष उजागर करने के लिए राज्य सरकार और पार्टी संगठन एकजुट कार्य कर रहा है। विशेषतौर पर प्राकृतिक आपदा के दौरान भाजपा व केंद्र सरकार के उदासीन रवैये से प्रदेश को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
आज यहां मीडिया कर्मियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आगामी आम चुनावों में कांग्रेस पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस संगठन और सरकार एकजुटता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को देश में सबसे बड़ी राष्ट्रीय पार्टी के रूप में मान्यता दी गई है और एक बड़े परिवार के बीच छिट-पुट बातें होती रहती हैं। हिमाचल में मौजूदा कांग्रेस सरकार पार्टी कार्यकर्ताओं की क्षमता से भली-भांति परिचित है और उन्हें उचित सम्मान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के किसी भी व्यक्ति को पार्टी के मामलों में अफवाहें फैलाने का अधिकार नहीं है।
एक सवाल के जवाब में श्री चौहान ने कहा कि प्रत्येक विधायक के पास अपने सुझाव मुख्यमंत्री को लिखित रूप में देने का विकल्प है। इसमें गलत क्या है? प्राप्त सुझावों का हमेशा स्वागत है और उन पर चरणबद्ध तरीके से काम किया जाएगा। यहां तक कि कुछ विधायकों ने अपनी प्राथमिकताएं लिखकर मुख्यमंत्री को भेज दी हैं, तो फिर कुछ लोगों द्वारा इस पर हंगामा क्यों मचाया जा रहा है। विपक्ष बात का बतंगड़ बना रहा है। चौहान ने कहा कि शायद नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर इस तरह के बयान जारी करने के लिए दबाव डाला जाता है और वह विपक्ष के नेता के रूप में केवल अपनी भूमिका का निर्वहन मात्र कर रहे हैं, जो उनका दायित्व भी है। उन्होंने कहा कि केवल आलोचना के लिए आलोचना करने से राज्य व यहां की जनता का भला नहीं होने वाला और आपदा के दौरान भाजपा नेताओं की निष्क्रिय व उदासीन भूमिका को जनता अच्छी तरह से समझ रही है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हमारी सरकार पंक्ति में अंतिम व्यक्ति के कल्याण के लिए काम कर रही है और युवाओं तथा कृषि प्रधान समाज के लिए स्वरोजगार के पर्याप्त अवसरों के साथ-साथ हिमाचल को आत्मनिर्भर व देश का समृद्धतम राज्य बनाने के लिए संसाधन सृजन पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं। हम ‘सरकार गांव के द्वार’ के माध्यम से जन-जन तक पहुंच रहे हैं, और वह भी बिना किसी खर्च के, जबकि भाजपा शासन के दौरान जनमंच पर करोड़ों रुपये की फिजूलखर्ची की गई।

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