सूक्खू प्रदेश में विकास के रोल मॉडल के रूप में उभरे – चैतन्य शर्मा
विस में सरकार के समक्ष उठाए गगरेट विस क्षेत्र के मुद्दे , मुख्यमंत्री सुक्खू ने सराही विधायक चैतन्य शर्मा की विचारशीलता
दौलतपुर चौक: (संजीव डोगरा) प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सूक्खू प्रदेश में नई सोच,विकास एवम गरीबों के मसीहा रूप में उभरे हैं उक्त शब्द स्थानीय विधायक चैतन्य शर्मा ने दौलतपुर चौक एक पत्रकार वार्ता में कहे। उन्होंने कहा कि जिस तरह प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रदेश में हुई त्रासदी के समय प्रदेश वासियो के लिए खड़े रहे, वो एक जज्बे की मिसाल है। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि दौलतपुर चौक में जाम की समस्या दूर करने के वाईपास के निर्माण हेतु प्रयास जारी है। विधायक शर्मा ने कहा कि विधानसभा के मॉनसून सत्र में उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र के 50 मुद्दों को सरकार के समक्ष उठाया जबकि 21 के लिखित प्रश्नों के उतर सरकार ने सभा पटल पर दिए। उन्होंने कहा कि जिनमें से एक महत्वपूर्ण विषय सभी सरकारी स्कूलों में सकेंडरी स्तर पर साइंस स्ट्रीम शुरू करने की मांग रखी। साथ ही नदियों के प्रदूषण, विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती, मधुमक्खी पालन उद्योग, मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के लिए सवाल पूछा और पशुपालन क्षेत्र को दी जाने वाली मौद्रिक सहायता बढ़ाने का अनुरोध भी किया।इसके अतिरिक्त मवेशियों के लिए नियमित स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली पर चर्चा के साथ-साथ मवेशियों के परित्याग को दंडात्मक अपराध शामिल करने का प्रस्ताव पेश किया।उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में गोशालाएं और गोअभयारण्य खोलने की राज्यव्यापी योजना की आवश्यकता पर भी अपने विचार प्रस्तुत किए। इस के इलावा जैव इंधन के उत्पादन के लिए अपने संसाधनों और सुविधाओं का लाभ उठाने व गगरेट में जैव इंधन क्षेत्र में निवेश के आधार पर हिमाचल प्रदेश को हरित राज्य बनाने के प्रयास में कैसे योगदान दे सकता है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सूक्खू ने उनके इन प्रयासों की सराहना भी की।
