February 19, 2026

जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने पर केंद्र सरकार सहमत

शीतकालीन सत्र में लाया जाएगा प्रस्ताव

नई दिल्ली, केंद्र सरकार में जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने पर सहमति बन गई है। वहीं लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश बना रहेगा। नवंबर में शुरू होने वाले संसद के शीतकालीन सत्र में इस संबंध में प्रस्ताव लाया जाएगा। बता दें कि जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला 23 अक्टूबर को गृह मंत्री व 24 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले थे व इस बारे में विस्तार से चर्चा की थी। प्रधानमंत्री से उन्हें इसी साल राज्य का दर्जा बहाल करने बारे आश्वासन मिल गया था।

वर्ष 2019 में अनुच्छेद 370 व 35 ए हटाते समय जम्मू कश्मीर और लद्दाख दो केंद्र शासित प्रदेश बनाए गए थे। सरकार ने उस समय ही राज्य के हालात सामान्य होने पर राज्य का दर्जा बहाल करने का भरोसा दिया था। जम्मू कश्मीर के हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भी भाजपा ने पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा किया था। उमर अब्दुल्ला सरकार की पहली कैबिनेट मीटिंग में पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने के संबंध में प्रस्ताव पास करके उपराज्यपाल को भेजा गया था। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने प्रस्ताव को मंजूर करने के उपरांत गृह मंत्रालय को भेज दिया था। जम्मू कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने के लिए संसद के दोनों सत्रों में कानून पारित कर पुनर्गठन अधिनियम में बदलाव करना होगा। यह बदलाव संविधान की धारा 3 और 4 के तहत होंगे। संसद में मंजूरी के बाद इसे राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। जिस दिन राष्ट्रपति इस कानूनी बदलाव की अधिसूचना जारी करेंगे उसी दिन से जम्मू कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा मिल जाएगा। राज्य का दर्जा मिलने उपरांत राज्य की पुलिस, कानून व्यवस्था, भूमि, राजस्व, वित्तीय व्यवस्था सहित राज्यों को मिलने वाले अन्य अधिकार राज्य सरकार के पास आ जाएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *