कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस किला छोड़ने के दिवस के मौके दशमेश पैदल मार्च में हुए शामिल
अलग–अलग लंगरों में सेवा की, आम श्रद्धालु की तरह टेका माथा
सचिन सोनी, श्री आनंदपुर साहिब, पोह की मध्य रात्रि को आनंदगढ़ साहिब किला छोड़ने के दृश्य को दर्शाते हुए भव्य दशमेश पैदल मार्च में भाग लिया । और उन्होंने जगह-जगह लंगरों में सेवा की। उन्होंने एक सामान्य श्रद्धालु की तरह तख्त श्री केसगढ़ साहिब में माथा टेका और अरदास में शामिल हुए। आनंदगढ़ साहिब किले से शुरू हुई दशमेश पैदल यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा दुखद क्षणों को याद करते हुए सतनाम वाहेगुरु का जाप किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। सुबह चार बजे श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह लंगर लगाए गए। संगतों ने सर्दियों में नंगे पैर इस मार्च में भाग लिया। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि दसवें पातशाह साहिब श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने जुल्म और अत्याचार का विरोध करते हुए अपने पूरे सरबंस को वार दिया था ।इससे पहले नौवें पातशाह हिंद की चादर श्री गुरु तेग बहादुर जी ने कश्मीरी पंडितों की विनती स्वीकार कर ली थी और दिल्ली के चांदनी चौक में शहीद हुए। आज बड़ी संख्या में श्रद्धालु गु:सीस गंज साहिब दिल्ली में भी नतमस्तक हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि किला छोड़ने के बाद सरसा नदी में गुरु साहिब का पूरा परिवार अलग हो गया। गुरु जी के बड़े साहिबजादे चमकौर की गड़ी में लड़ते हुए शहीद हो गए और छोटे साहिबजादों की शहादत श्री फतेहगढ़ साहिब की धरती पर हुई। वैरागमई के इन दिनों के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा कोई उत्सव आयोजित नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारे गुरुओं के बलिदान जैसा उदाहरण पूरी दुनिया में नहीं मिल सकता। हमें अपनी युवा पीढ़ी और बच्चों को अपने गौरवशाली इतिहास और शहादत से अवगत कराना चाहिए। जिला चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष जसवीर सिंह जस्सू, यूथ विंग के अध्यक्ष दविंदर सिंह शम्मी बरारी, हरतेगबीर सिंह तेगी, नितन शर्मा, शमशेर डुमेवाल और अन्य सदस्य उपस्थित थे।–
