February 16, 2026

टैंकर घोटाले को लेकर भाजपा सुक्खू सरकार पर हमलावर

देशराज शर्मा, शिमला: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के ठियोग में पिछले साल गर्मियों के मौसम के दौरान पानी की आपूर्ति के नाम पर लाखों का घोटाला आजकल चर्चा का केंद्र बना हुआ है। टैंकरों से पानी की आपूर्ति के लिए ठेकेदार को एक करोड़ से अधिक रूपये का भुगतान किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में पानी सप्लाई करने एवज में दिए गए बिल में टैंकरों के नाम पर जिन गाड़ियों के नंबर दिए गए, वो कार और बाइक के नंबर निकले। यही नहीं, दो ऐसे गांवों में टैंकरों से पानी की सप्लाई दिखाई गई, जहां सड़क सुविधा भी नहीं है।

फरवरी से जून के दौरान सूखे के चलते पानी की आपूर्ति टैंकरों से करने का काम ठेके पर दिया गया था। लेकिन कई जगहों पर पानी की आपूर्ति ही नहीं हुई और भुगतान कर दिया गया।

सुक्खू सरकार ने घोटाले की जांच का जिम्मा विजिलेंस को सौंपा है। जलशक्ति विभाग के अधिकारियों से विजिलेंस ने लंबी पूछताछ की और उसके बयान दर्ज किए। इसमें एसडीओ व जेई समेत कुल सात अधिकारी शामिल रहे।

पता चला है कि इन अधिकारियों ने सफाई देते हुए कहा कि पानी की आपूर्ति में कोई घोटाला नहीं हुआ है। सिर्फ कंप्यूटर में वाहनों की एंट्री में गलतियां हुई हैं। हालांकि, विजिलेंस की टीम आज अधिशासी अभियंता समेत अन्य लोगों से पूछताछ करेगी।

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री का इस्तीफा तक मांगा जा रहा है। हालांकि, इस घोटाले को लेकर बड़ी कार्रवाई की गई है। इस मामले में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री का कहना है कि हिमाचल गठन के बाद की यह सबसे बड़ी कार्रवाई है व घोटाला सामने आने पर इसकी जांच तेज हो गई है।

इस घोटाले को लेकर भारतीय जनता पार्टी सुक्खू सरकार पर हमलावर हो गई है। जिला उपायुक्त कार्यालय के बचत भवन में हुई जिला परिषद की बैठक में भी जमकर हंगामा हुआ। भाजपा समर्थित जिला परिषद सदस्य सुभाष कैंथला धरने पर बैठ गए व निंदा प्रस्ताव पास कर डिप्टी सीएम और जलशक्ति मंत्री मुकेश अग्निहोत्री के इस्तीफे की मांग की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *