February 19, 2026

बीबीसी ने जारी दुनिया की 100 प्रभावशाली महिलाओं की लिस्ट

विनेश फोगाट समेत तीन भारतीय महिलाएं हैं इसमें शामिल

नई दिल्ली: दुनिया की सबसे प्रभावशाली और प्रेरक महिलाओं की सूची में तीन भारतीय महिलाओं को स्थान मिला है। हाल में बीबीसी ने साल 2024 की यह सूची जारी की है। इसमें भारत की सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा रॉय, पहलवान से नेता बनी विनेश फोगाट और लावारिस लाशों का अंतिम संस्कार करने वाली पूजा शर्मा को शामिल किया गया है। इनके अलावा इस सूची में अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स, हॉलीवुड अभिनेत्री शेरोन स्टोन, बलात्कार पीड़िता गिसेले पेलिकोट, नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नादिया मुराद और जलवायु कार्यकर्ता एडेनिक ओलादोसु जैसी महिलाएं शामिल हैं।

अरुणा राय एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उन्होंने सन् 1968 से 1975 तक भारतीय प्रशासनिक सेवा में कार्य किया। उनके योगदान के लिए उन्हें मैगससे पुरस्कार एवं मेवाड़ सेवाश्री आदि पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। राय ने भारत के ग्रामीण क्षेत्र के गरीबों के अधिकारों की पैरवी करने में चार दशकों से अधिक समय समर्पित किया है। रॉय ने पारदर्शिता, उचित मजदूरी और सरकारी जवाबदेही की वकालत करने वाले संगठन मजदूर किसान शक्ति संगठन की स्थापना की थी। रॉय के प्रयासों ने साल 2005 में भारत के सूचना के अधिकार अधिनियम को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

पहलवान से नेता बनी विनेश फोगाट ने तीन बार ओलंपिक में हिस्सा लिया है और विश्व चैंपियनशिप, राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों में पदक जीते हैं। खेलों में लैंगिक भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाने के लिए जानी जाने वाली फोगाट ने भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व प्रमुख बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ भारतीय पहलवानों के एक प्रमुख विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया था। इस साल, वह ओलंपिक फाइनल में पहुंचने वाली भारत की पहली महिला पहलवान बनीं, लेकिन वजन सीमा से 100 ग्राम अधिक होने के कारण उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया। जिसके बाद फोगाट ने कुश्ती से संन्यास ले कर राजनीति में प्रवेश किया।

पूजा शर्मा एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं और उन्होंने सामाजिक मानदंडों को फिर से परिभाषित किया है। वे लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करती हैं। उनका मिशन उनके भाई की मृत्यु के बाद शुरू हुआ, जिसका अंतिम संस्कार उन्हें अकेले करना पड़ा था। पूजा ब्राइट द सोल फाउंडेशन की संस्थापक हैं और पिछले तीन वर्षों में, वह विभिन्न धर्मों के 4,000 से अधिक लोगों का अंतिम संस्कार कर चुकी हैं।

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