आख़िर झुका बांग्लादेश! सत्ता बदलते ही आईपीएल से हटाया बैन
नई दिल्ली, तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 से रिलीज किए जाने के बाद भारत और बांग्लादेश के क्रिकेट संबंधों में आई कड़वाहट अब खत्म होती नजर आ रही है। बांग्लादेश की पूर्व मोहम्मद यूनुस सरकार ने खुन्नस निकालते हुए न सिर्फ आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए अपनी टीम भारत भेजने से इनकार कर दिया था, बल्कि देश में आईपीएल के प्रसारण पर भी पूरी तरह से बैन लगा दिया था। दुनिया की सबसे बड़ी और लोकप्रिय टी20 लीग पर लगे इस बैन ने क्रिकेट फैंस को काफी हैरान कर दिया था। हालांकि, अब बांग्लादेश में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद हालात पूरी तरह से बदल गए हैं और नई सरकार ने आईपीएल के प्रसारण को फिर से हरी झंडी दे दी है।
बांग्लादेश के वर्तमान सूचना और प्रसारण मंत्री जहीर उद्दीन स्वपन ने इस पूरे विवाद पर स्थिति साफ करते हुए कहा है कि नई सरकार खेल को राजनीति से बिल्कुल अलग रखना चाहती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इंडियन प्रीमियर लीग के प्रसारण पर अब कोई सरकारी या प्रशासनिक रोक नहीं लगाई जाएगी। जहीर उद्दीन स्वपन के मुताबिक, अगर कोई टीवी चैनल कमर्शियल नजरिए से आईपीएल के मुकाबले दिखाना चाहता है, तो सरकार उसे सकारात्मक रूप से देखेगी और किसी भी चैनल को इसका प्रसारण करने से नहीं रोका जाएगा। केबल ऑपरेटर्स एसोसिएशन ने भी इस बात की पुष्टि कर दी है कि अगर स्टार स्पोर्ट्स बांग्लादेश में आईपीएल दिखाता है, तो वे उसे बिना किसी डर के प्रसारित कर सकते हैं और उन्हें इसे रोकने का कोई निर्देश नहीं मिला है।
बांग्लादेश सरकार का आईपीएल पर अचानक यह नरम रुख अपनाना एक बड़े ‘डिप्लोमैटिक सिग्नल’ के तौर पर भी देखा जा रहा है। दरअसल, बांग्लादेश को इस साल सितंबर में अपने घर पर भारत के खिलाफ तीन वनडे और तीन टी20 मैचों की एक अहम सीरीज खेलनी है। हालांकि, भारतीय टीम के इस दौरे को लेकर अंतिम फैसला भारत की केंद्र सरकार की मंजूरी पर ही टिका है। ऐसे में माना जा रहा है कि पूर्व सरकार के समय राजनीतिक माहौल और बोर्ड्स के बीच चल रहे जिन विवादों के कारण आईपीएल पर बैन लगा था, उसे हटाकर नई सरकार भारत के साथ अपने क्रिकेट और कूटनीतिक संबंधों को सुधारने की एक बड़ी कोशिश कर रही है।
