March 7, 2026

बलूच नेता ने भारत के ऑपरेशन सिंदूर को बताया साहसिक कदम

जयशंकर को चिट्ठी लिख जमकर की तारीफ

इस्लामाबाद, पाकिस्तान और चीन के बीच गहराते गठजोड़ को लेकर एक सनसनीखेज दावा सामने आया है। जाने-माने बलूच नेता और मानवाधिकार कार्यकर्ता मीर यार बलूच ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर को एक चिट्ठी लिखी है। इसमें उन्होंने आशंका जताई है कि चीन अगले कुछ महीनों में पाकिस्तान के बलूचिस्तान इलाके में अपनी सेना तैनात कर सकता है। बलूच नेता ने अपने पत्र में न केवल चीनी हस्तक्षेप पर चिंता जताई, बल्कि साल 2025 में भारत द्वारा किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की जमकर तारीफ भी की है।

विदेश मंत्री जयशंकर को लिखे खत में मीर यार बलूच ने कहा कि बीजिंग और इस्लामाबाद का गठबंधन बलूच जनता के लिए खतरे की घंटी है। उन्होंने दावा किया कि चीन अब अपने आर्थिक हितों की रक्षा के नाम पर बलूचिस्तान में सीधे अपनी सेना (पीएलए) उतारने की फिराक में है। उन्होंने लिखा कि बलूचिस्तान दशकों से पाकिस्तान के नियंत्रण में दमन झेल रहा है, जिसमें सरकार प्रायोजित हिंसा और मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन शामिल है। अब चीनी सेना के आने से हालात और बदतर हो सकते हैं।

नए साल 2026 के संदेश में बलूच नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से 2025 में भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र किया।

गौरतलब है कि पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन सिंदूर चलाया था, जिसने पाकिस्तान समर्थित आतंकी अड्डों को तबाह कर दिया था। मीर बलूच ने इसे एक साहसिक और दृढ़ कदम बताते हुए कहा कि इसने क्षेत्रीय सुरक्षा और न्याय के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को साबित किया है।

बलूच राष्ट्रवादी नेताओं ने मई 2025 में पाकिस्तान से प्रतीकात्मक आज़ादी की घोषणा की थी। इसी कड़ी में मीर बलूच ने घोषणा की है कि रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान 2026 के पहले हफ्ते में बलूचिस्तान ग्लोबल डिप्लोमेटिक वीक मना रहा है। इसका उद्देश्य दुनिया भर के देशों के साथ सीधे राजनयिक संबंध स्थापित करना है।

भारत के साथ सांस्कृतिक रिश्तों को याद करते हुए उन्होंने लिखा- हिंगलाज माता मंदिर (नानी मंदिर) हमारी साझा विरासत और आध्यात्मिक संबंधों का प्रतीक है। उन्होंने बलूचिस्तान के 6 करोड़ नागरिकों की ओर से भारत के 140 करोड़ लोगों को नए साल की बधाई दी और उम्मीद जताई कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्ते आगे और मजबूत होंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *