अमेरिकी हमले के खौफ से बंकर में छिपे अयातुल्ला खामेनेई
सबसे छोटे बेटे को सौंप दी ईरान की कमान
तेहरान, ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को लेकर एक बेहद संवेदनशील रिपोर्ट सामने आई है। अमेरिकी हवाई हमले की आशंका के चलते 86 वर्षीय खामेनेई तेहरान स्थित एक अभेद्य अंडरग्राउंड बंकर में चले गए हैं। ईरानी सेना के शीर्ष अधिकारियों ने खुफिया इनपुट के आधार पर उन्हें आगाह किया था कि अमेरिका कभी भी एयरस्ट्राइक कर सकता है। बताया जा रहा है कि यह बंकर कई गुप्त सुरंगों से जुड़ा हुआ है, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में उन्हें सुरक्षित निकाला जा सके।
सुप्रीम लीडर के अंडरग्राउंड होने के साथ ही देश की सत्ता के ढांचे में भी बड़ा बदलाव किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, खामेनेई ने देश के रोजमर्रा के प्रशासनिक कामकाज की जिम्मेदारी अपने सबसे छोटे बेटे, 53 वर्षीय मसूद खामेनेई को सौंप दी है। मसूद फिलहाल सरकार के कार्यकारी अंगों और सत्ता के अन्य हिस्सों के बीच मुख्य संपर्क सूत्र की भूमिका निभा रहे हैं। उन्हें अस्थायी तौर पर अहम फैसलों की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है, जिससे यह संकेत मिलता है कि ईरान किसी भी बुरी स्थिति के लिए तैयार हो रहा है।
उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक आदेश ने खाड़ी क्षेत्र में हलचल बढ़ा दी है। ट्रंप ने हाल ही में मिडिल ईस्ट की ओर अमेरिकी नौसेना की एक बड़ी फ्लीट तैनात करने का ऐलान किया था। इसी कड़ी में ‘यूएसएस अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप’, जिसमें तीन खतरनाक युद्धपोत शामिल हैं, हिंद महासागर से निकलकर फारस की खाड़ी की ओर तेजी से बढ़ रहा है। ट्रंप ने इसे ईरान के लिए एक सख्त चेतावनी बताया है।
अमेरिकी दबाव और जंगी बेड़े की तैनाती के बावजूद ईरान ने झुकने से साफ इनकार कर दिया है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका या इजराइल ने उनके सुप्रीम लीडर पर हमला करने की हिमाकत की, तो इसे ईरान के खिलाफ सीधे तौर पर जंग का ऐलान माना जाएगा। वहीं, ईरानी संसद की नेशनल सिक्योरिटी कमेटी ने और भी सख्त तेवर दिखाते हुए कहा है कि खामेनेई पर हमला होने की स्थिति में तुरंत ‘जिहाद’ का ऐलान कर दिया जाएगा।
आमतौर पर सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहने वाले अयातुल्ला खामेनेई 17 जनवरी के बाद से किसी भी मंच पर दिखाई नहीं दिए हैं। उन्होंने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर भी कोई पोस्ट नहीं किया है। यह स्पष्ट नहीं है कि वे किस तारीख से बंकर में हैं, लेकिन उनकी गैरमौजूदगी ने अफवाहों को हवा दे दी है। इससे पहले जून में इजराइल के साथ हुए 12 दिनों के युद्ध के दौरान भी खामेनेई अंडरग्राउंड हो गए थे और अपनी मौत की आशंका को देखते हुए उत्तराधिकारियों की लिस्ट तैयार करवाई थी। अपने आखिरी संदेश में उन्होंने देश में चल रहे खूनी विरोध प्रदर्शनों के लिए विदेशी ताकतों को जिम्मेदार ठहराया था। गौरतलब है कि इन प्रदर्शनों में हजारों लोगों के मारे जाने का दावा किया जा रहा है।
