हिमाचल प्रदेश विधानसभा में फिर बनेगी एश्योरेंस कमेटी
तय होगी मंत्रियों की जबाबदेही
देस राज शर्मा, शिमला, हिमाचल प्रदेश विधानसभा में विभिन्न मुद्दों पर आश्वासन देने वाले अथवा घोषणाएं करने वाले मंत्रियों की अब विधानसभा जवाब देही तय करेगी। हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने प्रदेश विधानसभा की एश्योरेंस(आश्वासन) कमेटी को फिर से गठित करने की घोषणा की है।
पठानिया ने वीरवार को शिमला में एक पत्रकार वार्ता में कहा कि यह कमेटी पहले विधानसभा में एक्जिस्ट करती थी लेकिन पिछले कई सालों से इस कमेटी का गठन नहीं हुआ है और विधानसभा अब 28 साल बाद फिर से इस कमेटी का गठन करने जा रही है। एश्योरेंस कमेटी के अभाव में विधानसभा में मंत्रियों अथवा सरकार की ओर से दिए जाने वाले आश्वासनों अथवा घोषणाओं की मॉनिटरिंग नहीं हो रही है। इसी के दृष्टिगत विधानसभा ने अपनी आश्वासन समिति को फिर से गठित करने का फैसला किया है ताकि जनहित में होने वाली घोषणाओं अथवा दिए जाने वाले आश्वासनों को विधानसभा के माध्यम से लागू करवाया जा सके।
विधानसभा अध्यक्ष ने एक सवाल के जवाब में कहा कि 14वीं विधानसभा में अब तक कुल 73 विधेयक पारित किए गए हैं। इनमें से 12 विधेयक ऐसे हैं जिन्हें राज्यपाल अथवा राष्ट्रपति से अभी मंजूरी मिलना बाकी है। उन्होंने कहा कि विधानसभा के बजट सत्र के दौरान विधानसभा सदस्यों और पूर्व सदस्यों के वेतन व पेंशन का विधेयक पारित हुआ है। इसे अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के मुताबिक यदि विधानसभा, लोकसभा और राज्यसभा द्वारा पारित किए जाने वाले विधेयकों को 3 महीने के भीतर राज्यपाल अथवा राष्ट्रपति से मंजूरी नहीं मिलती है तो ऐसे विधेयकों को स्वतः स्वीकृत माना जाएगा। ऐसे में जिन विधेयकों को अभी तक मंजूरी नही मिली है, उन्हें स्वतः ही मंजूर माना जाएगा।
विधानसभा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि वह मौजूदा समय में विधायकों के वेतन, भत्ते और पेंशन में बढ़ोतरी के पक्षधर नहीं है क्योंकि इस समय प्रदेश आपदा से जूझ रहा है। ऐसे में सरकार का पूरा ध्यान आपदा प्रभावितों के कल्याण और पुनर्वास पर होना चाहिए।
