February 23, 2026

पंजाब में बासमती अधीन 16 फ़ीसद रकबा बढ़ा; अमृतसर ज़िला अग्रणी

फ़सली विभिन्नता को उत्साहित करने के लिए यत्नशीलः गुरमीत सिंह खुड्डियां


चंडीगढ़, 18 अगस्तः

राज्य में फ़सलीय विभिन्नता को उत्साहित करने के लिए शुरु की मुहिम को किसानों ने बड़ा प्रोत्साहन दिया है। राज्य में खरीफ के इस सीजन के दौरान बासमती की काश्त अधीन रकबे में तकरीबन 16 फ़ीसद विस्तार दर्ज किया गया है। यह जानकारी सांझा करते हुये पंजाब के कृषि और किसान कल्याण मंत्री स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बताया कि 1.35 लाख हेक्टेयर रकबे में बासमती की काश्त के साथ अमृतसर ज़िला अग्रणी रहा है।

कृषि मंत्री ने यहाँ जारी प्रैस बयान में बताया कि खरीफ के इस सीजन के दौरान 14 अगस्त तक कुल 31.88 लाख हेक्टेयर रकबे में धान की फ़सल लगायी गयी है, जिसमें से 5.74 लाख हेक्टेयर रकबा बासमती की काश्त अधीन है। उन्होंने बताया कि खरीफ सीजन 2022- 23 के दौरान कुल 31.68 लाख हेक्टेयर रकबे में धान की फ़सल लगायी गयी थी, जिसमें से 4.95 लाख हेक्टेयर रकबा बासमती की काश्त अधीन था।

बासमती की काश्त के ज़िलेवार आंकड़े देते हुये स. खुड्डिया ने बताया कि अमृतसर के बाद श्री मुक्तसर साहिब, फाजिल्का और तरन तारन में क्रमवार 90,000 हेक्टेयर, 78,800 हेक्टेयर और 52,000 हेक्टेयर में बासमती की काश्त अधीन है। उन्होंने बताया कि अमृतसर जिले में बासमती की काश्त अधीन रकबे में 24,000 हेक्टेयर का विस्तार दर्ज किया गया है, जबकि श्री मुक्तसर साहिब और गुरदासपुर जिलों में बासमती के अधीन रकबे क्रमवार 21,500 हेक्टेयर और 18000 हेक्टेयर का विस्तार हुआ है।

कृषि को लाभदायक धंधा बनाने सम्बन्धी वचनबद्धता को दोहराते हुये स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि बासमती की काश्त में यह विस्तार इस कारण देखने को मिला है क्योंकि मुख्यमंत्री ने किसानों को भरोसा दिया था कि राज्य सरकार यह यकीनी बनाने के लिए हर संभव यत्न करेगी कि बासमती की काश्त करने वाले किसानों को किसी भी किस्म का नुकसान न बर्दाश्त करना पड़े।

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