हमारी सरकार आते ही अंबाला में शहीद स्मारक बनाने का कार्य प्रारंभ करवाया:अनिल विज
चण्डीगढ़: हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि सन् 1857 में आजादी की पहली लड़ाई के शहीदों को समर्पित शहीद स्मारक बनाने के लिए उन्होंने 20 वर्ष तक लंबी लड़ाई लड़ी और हमारी सरकार आते ही अंबाला में शहीद स्मारक बनाने का कार्य प्रारंभ करवाया। पूर्व सरकारों ने अम्बाला छावनी के विकास पर पांच करोड़ तक खर्च नहीं किए जबकि हमने अकेले 500 करोड़ रुपए की लागत से शहीद स्मारक प्रोजेक्ट मंजूर करवाया।
विज आज अंबाला के तोपखाना बाजार व परेड क्षेत्र में आयोजित विकसित भारत संकल्प यात्रा कार्यक्रम में लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी वाली गाड़ी विभिन्न क्षेत्रों में जाकर आयुष्मान कार्ड बनवा रही है, पेंशन लगवा रही है, उज्जवला योजना के तहत गैस सिलेंडर दिलवा रही है व व अन्य कार्य कर रही है जिसका सभी को लाभ उठाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा जो कल्याणकारी योजनाएं क्रियान्वित की हुई हैं, उनका लाभ लोगों को पारदर्शी तरीके से प्रदान किया जा रहा है। विकास कार्याे के लिए शत-प्रतिशत प्रयोग की जा रही है। उन्होंने देश को आजाद हुए जब 100 वर्ष हो जाएंगे तो भारत भी विकसित राष्ट्र की सूची में शामिल होगा। गृह मंत्री ने हमारा संकल्प विकसित भारत की शपथ दिलवाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अनेकों कल्याणकारी योजनाएं क्रियान्वित की गई हैं।
इसी प्रकार, हरियाणा में भी मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों को सीधा पहुंचाने का काम किया जा रहा है। गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि देश आजाद होने के बाद हमें यही पढ़ाया गया कि देश को आजाद करवाने में कांग्रेस का योगदान है जबकि कांग्रेस का जन्म 1885 में हुआ था।
कांग्रेस के जन्म से 28 साल पहले 1857 में ही देश के लिए आजादी की लड़ाई लड़ी गई जिसमें रानी लक्ष्मीबाई, तांत्या टोपे, मंगल पांडे के साथ-साथ अनगिनत वीरों ने अपना योगदान दिया। आजादी की पहली लड़ाई अम्बाला छावनी से शुरू हुई, 9 मई 1857 को सुबह 9 बजे 61वीं इन्फैंट्री ने हथियार उठाकर अंग्रेजों के खिलाफ बगावत कर दी थी। ऐसे अनगिनत वीरों के बलिदान के बारे में किसी ने नहीं सोचा।
