February 11, 2026

अमेरिका ने मानचित्र साझा कर पीओके व अक्साई चिन को बताया भारत का हिस्सा

नई दिल्ली, भारत और अमेरिका के बीच हुए हालिया अंतरिम व्यापार समझौते की जानकारी सामने आ गई है। इस संबंध में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि के एक्स हैंडल से इस व्यापार समझौते से संबंधित भारत का मानचित्र साझा किया गया है, जिससे चीन और पाकिस्तान दोनों को ही मिर्ची लगने वाली है। संयुक्त राज्य अमेरिका व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) ने एक्स पर लिखा कि यह समझौता अमेरिकी उत्पादों के लिए भारत में नए बाजार खोलेगा। अमेरिका की तरफ से पहली बार इतना स्पष्ट नक्शा साझा किया गया है, जिसे भारत की पूर्ण क्षेत्रीय अखंडता को मान्यता देने वाला कदम माना जा रहा है। अमेरिका के आधिकारिक यूएसटीआर की ओर से साझा भारतीय नक्शे में अक्साई चिन और पीओके को भारत का हिस्सा दिखाया गया है। भारत हमेशा से कहता रहा है कि पीओके और अक्साई चिन भारत का अभिन्न अंग हैं। हालांकि, इसे लेकर चीन और पाकिस्तान अलग-अलग झूठे दावे करते रहते हैं। ऐसे में अमेरिकी यूएसटीआर ने जो मानचित्र साझा किया है, उससे पाकिस्तान और चीन को तेज मिर्ची लगने वाली है।
पाकिस्तान ने 2020 में एक राजनीतिक नक्शा जारी कर पीओके, लद्दाख के कुछ हिस्से, जूनागढ़, मनावदार और सर क्रीक को अपना बताया था। हालांकि, भारत हमेशा से ही पाकिस्तान के इन झूठे दावों को नकारता रहा है।
दूसरी तरफ चीन भी अक्सर भारत के हिस्से को अपना बताता है। चीन ने 2023 में स्टैंडर्ड मैप जारी कर अरुणाचल प्रदेश के ‘दक्षिण तिब्बत’ और अक्साई चिन को अपना हिस्सा बताया था। भारत ने इसे तुरंत खारिज करते हुए कहा था कि ऐसे नक्शे से हकीकत नहीं बदलती है।
ऐसी स्थिति में अमेरिका ने जो भारत का नक्शा जारी किया है, वह इन दोनों देशों के मुंह पर सीधा तमाचा है। इस मानचित्र में पीओके का कोई अलग सीमांकन या विवादित रेखा नहीं दिखाई गई है।
पोस्ट के कैप्शन में यूएसटीआर ने लिखा, “ट्री नट्स और सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन से लेकर लाल ज्वार और ताजे और प्रोसेस्ड फलों तक, भारत-अमेरिका समझौते से अमेरिकन प्रोडक्ट्स के लिए नया मार्केट एक्सेस मिलेगा।” अमेरिका की ओर से जारी किए गए इस नक्शे को लेकर इस वक्त चर्चा हो रही है।

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