March 14, 2026

पंजाब के सभी पोलिंग बूथों पर कैमरों के द्वारा निगरानी; होगी 100 प्रतिशत वैबकास्टिंग: मुख्य निर्वाचन अधिकारी सिबिन सी

चंडीगढ़, लोक सभा मतदान 2024 में चुनाव प्रक्रिया को और कुशल और पारदर्शी बनाने के मद्देनजऱ पंजाब के मुख्य चुनाव दफ़्तर की तरफ से राज्य के सभी 24,433 पोलिंग स्टेशनों पर वैबकास्टिंग समेत आई. टी. आधारित कई अन्य नयी पहलकदमियां शुरू की गई हैं। 

इन नयी पहलकदमियों में वोटरों की सुविधा के लिए कई मोबाइल ऐपस और वैबसाईटों की शुरुआत, वोटरों को फ़ोन के द्वारा चुनाव उल्लंघनाओं सम्बन्धी रिपोर्ट करने की सुविधा और पोलिंग स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे लगा कर ई. वी. ऐमज़. के लाने- ले जाने की निगरानी करना शामिल है। 

इस सम्बन्धी विवरण देते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी सिबिन सी ने बताया कि पोलिंग स्टेशनों की 100 फीसद वैबकास्टिंग के द्वारा निगरानी की जायेगी जिससे चुनाव प्रक्रिया को उचित और पारदर्शी ढंग के साथ पूरा किया जा सके। उन्होंने बताया कि आगामी लोक सभा मतदान के लिए सभी 24,433 पोलिंग बूथों के अंदर सीसीटीवी निगरानी को यकीनी बनाया जायेगा। इसके इलावा सभी 13 हलकों जहाँ तीन या इससे अधिक पोलिंग स्टेशन हैं, के 1884 पोलिंग स्टेशनों के बाहर भी कैमरे लगाए जाएंगे। 

सिबिन सी ने कहा कि इस बार मतदान को और सुयोग्य ढंग से सम्पूर्ण करने के लिए नवीन जि़ला सूचना प्रणाली ( डी. आई. एस. ई.) को शामिल किया गया है। इसका प्रयोग मतदान के सभी पहलूओं का प्रबंधन करने, पोलिंग स्टाफ का डाटा इक_ा करने से लेकर रिहर्सलों की समय- सारणी तक, पोलिंग स्टाफ की रैंडमाईज़ेशन और गिनती करने के लिए किया जायेगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि इस आधुनिकीकरण का उद्देश्य मतदान को और ज्यादा कुशल, पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है। 

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि इस वैब एप्लीकेशन का प्रयोग एपीआईज़/ सीएसवी/ ऐक्सल फाइलों के प्रयोग के द्वारा अतिरिक्त ऐपलीकेशनों से उपलब्ध कर्मचारी डाटा को इक_ा करने के लिए किया जाता है। इससे अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती करके शुरुआती पड़ाव के बाद स्टाफ की कमी के उचित प्रबंधन में भी सहायता मिलेगी। 

एक अन्य पहलकदमी के बारे बताते हुये मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि फ्लाइंग स्क्वाड वाहनों (एफएसवी) से लाइव स्ट्रीमिंग के द्वारा और स्टैटिक सर्वीलैंस टीमें चुनाव प्रक्रिया के दौरान आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन की चौकसी से निगरानी कर रही हैं। चुनाव सम्बन्धी गतिविधियों की कुशलता को बढ़ाने के लिए पोलिंग पार्टियों को तैनात करने और वोटिंग जानकारी को अप्पडेट करने के लिए इस्तेमाल की जाती पोल गतिविधि प्रबंधन प्रणाली (पीएऐमऐस) में संशोधन किया गया है। यह मोबाइल एप रियल टाईम डाटा प्रदान करेगा। 

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने आगे कहा कि भारतीय निर्वाचन आयोग की और नयी पहलकदमियों सहित वोटर हेल्पलाइन एप नागरिकों को वोटर सूची में अपने नाम ढूँढने, आनलाइन फार्म जमा कराने, अपनी डिजिटल फोटो वोटर स्लिप डाउनलोड करने, शिकायतें दर्ज करने और उन शिकायतों के अपने मोबायल पर जवाब प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करती है। 

इसी तरह एक अन्य महत्वपूर्ण पहलकदमी के रूप में एक मोबाइल एप्लीकेशन – ‘नौ योर कैंडीडेट’ है, जो वोटरों को किसी भी उम्मीदवार के विवरण और आपराधिक पृष्टभूमि के बारे जानकारी हासिल करने की सुविधा देती है। इस ऐप का उद्देश्य पारदर्शी मतदान को यकीनी बनाने के लिए चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों के आपराधिक पृष्टभूमि के बारे व्यापक प्रचार और अधिक से अधिक जागरूकता प्रदान करना है। यह गुग्गल प्ले स्टोर और एपल ऐप स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। 

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा और नयी पहलकदमियां, जिसमें मोबाइल वोटर – अनुकूल एप सी विजल की शुरुआत शामिल है, जो लोगों को आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन की रिपोर्ट करने के योग्य बनाती है और जिसमें लाइव लोकेशन के साथ लाइव फोटो/ वीडियो की सुविधा है। कोई भी नागरिक इस मोबाइल एप के द्वारा शिकायत दर्ज करवा सकता है, जिसके बाद फ्लाइंग स्क्वाड मामले की जांच करते हैं और रिटर्निंग अफ़सर उल्लंघन की स्थिति को ट्रैक करने के लिए जीपीएस का प्रयोग करते हुए 100 मिनटों के अंदर फ़ैसला दे देता है। 

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