February 26, 2026

मोदी की अमेरिका यात्रा पर दुनिया भर की नजरें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिकी यात्रा को लेकर जो बाइडन सरकार जिस प्रकार उत्साह दिखा रही है वह नए भारत के उदय का विश्व भर में संदेश है। जो अमेरिका स्वयं को विश्व के नायक के रूप में प्रस्तुत करता रहा है उसका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी के लिए स्वयं को इस तरह आतुर प्रकट करना अपने आप दुनिया भर में भारत की महत्ता को दर्शाता है। भारत के इस नए स्वरूप को वे लोग ज्यादा ढंग से समझ सकते हैं जो एक दो दशक पहले के वैश्विक राजनीतिक परिदृश्य से परिचित हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस यात्रा पर दुनिया भर की नजरें लगी हुई है। उम्मीद कि जा रही है कि इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कुछ इस तरह के समझौते हो सकते हैं जो आने वाले समय में दोनों देशों के लिए मील का पत्थर साबित होंगे। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री अमेरिकी संसद को भी संबोधित करेंगे और ऐसा करने वाले वे विश्व के चंद नेताओं में होंगे। अमेरिका में भारत का महत्व इसलिए भी बढ़ता जा रहा है क्योंकि वहां रह रहे भारतीयों का अमेरिकी राजनीति, व्यापार, उद्योग, आर्थिकी एवं सामाजिक संरचना में काफी दखल बढ़ गया है। इस कारण भी प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिकी यात्रा को लेकर इतना उत्साह है। अमेरिका और चीन के लगातार बिगड़ रहे संबंध भी भारत के प्रति उसके प्रेम का कारण हो सकते हैं। अमेरिका की तरह भारत भी चीन के आक्रामक रवैया से परेशान है और उसके हर कदम के पीछे की रणनीति के प्रति सचेत है। दोनों देशों के रिश्तों में गहराई तब और आएगी जब अमेरिका खुलकर भारत के समर्थन में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थाई सदस्यता के लिए पैरवी करेगा। विश्व शांति और संतुलन के लिए यह अति आवश्यक है कि भारत की बढ़ती हुई आर्थिक व कूटनीतिक शक्ति को सम्मान मिले। अमेरिका और भारत अनेक मुद्दों पर एकमत है उनमें आतंकवाद से निपटना भी शामिल है। आतंकवाद आज विश्व शांति के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। अगर अमेरिका को भारत के साथ अपने रिश्तों में सचमुच मजबूती लानी है तो उसे भारत की चिंताओं को गहराई से समझना होगा और अपनी पाकिस्तान नीति में बड़े परिवर्तन करने होंगे। अभी तक भारतीय खेमे में अमेरिका की छवि एक विश्वसनीय दोस्त की नहीं बन पाई है और इस बात को अमेरिका भी बखूबी समझता है। देखना होगा कि प्रधानमंत्री की इस यात्रा से दोनों देशों के बीच इस हद तक आपसी विश्वास बन पाता है जो आने वाले समय में दोनों देशों के हितों के साथ-साथ वैश्विक समस्याओं के समाधान में भी कारगर सिद्ध हो सके। – पीयूष सिंगला

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