भारत- चीन के बीच एलएसी पर गश्त को लेकर हुआ समझौता
नई दिल्ली: भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा पर गश्त व्यवस्था को लेकर समझौता हुआ है। विदेश सचिव विक्रम मिश्री ने बताया कि इस समझौते से सीमा पर तनाव कम होगा और सेना की वापसी का रास्ता साफ होगा।भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर एक अहम कदम उठाया गया है। विदेश सचिव विक्रम मिश्री ने घोषणा की कि दोनों देशों ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर गश्त व्यवस्था के संबंध में समझौता कर लिया है। हाल ही में दोनों देशों के अधिकारियों के बीच हुई बातचीत के बाद यह समझौता संभव हो पाया है। मिश्री के अनुसार, इस कदम से सीमा पर लंबे समय से चल रहे तनाव को कम करने में मदद मिलेगी और दोनों देशों की सेनाओं के बीच धीरे-धीरे पीछे हटने का रास्ता साफ होगा।
सीमा विवाद को लेकर हुआ बड़ा समझौता
विदेश सचिव मिश्री ने बताया कि भारत और चीन के बीच चल रही चर्चा के महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। उन्होंने कहा, “हमने चीन के साथ गश्त व्यवस्था पर समझौता कर लिया है।” मिश्री के अनुसार, यह समझौता दोनों देशों के बीच भरोसा बहाल करने में मदद करेगा और भविष्य में होने वाली झड़पों को रोकने का प्रयास करेगा। LAC पर सेना की गश्त और नियंत्रण की स्थिति को लेकर दोनों देशों के अधिकारियों के बीच काफी समय से बातचीत चल रही थी।
LAC पर पीछे हटने का रास्ता साफ
मिश्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि यह समझौता केवल गश्त व्यवस्था तक सीमित नहीं है। इसके अलावा, यह समझौता दोनों देशों की सेनाओं के बीच धीरे-धीरे पीछे हटने की प्रक्रिया का भी हिस्सा है। LAC पर जारी विवाद को सुलझाने के लिए इस समझौते को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मिश्री के अनुसार, इस कदम से दोनों देशों के बीच तनाव कम होगा और सैनिकों की वापसी की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।
चर्चाओं का सकारात्मक नतीजा
दोनों देशों के बीच यह समझौता हाल ही में हुई उच्चस्तरीय वार्ताओं का नतीजा है। LAC पर सैनिकों की तैनाती और गश्त की व्यवस्थाओं को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से चर्चा चल रही थी। मिश्री ने बताया कि इस बातचीत में दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने अपनी चिंताओं को साझा किया और आपसी सहमति से गश्त व्यवस्था पर सहमति बनाई गई। इससे दोनों देशों के बीच चल रही कूटनीतिक बातचीत को बल मिलेगा और भविष्य में विवादित मुद्दों को हल करने का रास्ता साफ होगा।
सीमा पर शांति बहाली की दिशा में एक और कदम
LAC पर सैनिकों की तैनाती के चलते पिछले कुछ वर्षों से भारत और चीन के बीच तनावपूर्ण माहौल बना हुआ था। इस समझौते से उम्मीद की जा रही है कि यह सीमा पर शांति और स्थिरता को बढ़ावा देगा। मिश्री ने कहा कि दोनों देशों की सेनाएं अब इस दिशा में कदम बढ़ा रही हैं जिससे सीमा पर शांति की स्थापना हो सके और दोनों पक्षों के बीच विवादित क्षेत्रों में गश्त व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
दोनों देश के बीच विश्वास और सहयोग बढ़ाने पर जोर
यह समझौता केवल सैन्य स्तर पर ही नहीं बल्कि कूटनीतिक और राजनीतिक स्तर पर भी एक सकारात्मक संकेत है। मिश्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए यह समझौता एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इससे भविष्य में और भी मुद्दों पर समझौते की संभावना बढ़ेगी और दोनों देशों के बीच अच्छे संबंधों की नींव मजबूत होगी।
