मांगे पूरी नहीं होने से व्यथित पंचायत कर्मचारी आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर
पंचायतों में नहीं हो पाएंगे विकास कार्यों व न बन पाएंगे प्रमाण पत्र
अजय शर्मा।बंगाणा
मांगे पूरी नहीं होने से दुखी होकर जिले के पंचायत कर्मचारी आज से अनिश्चितकालीन कलम छोड़ो हड़ताल पर बैठ गए हैं। आज से पंचायतों में सभी विकास कार्य व पंचायत संबंधी प्रमाण पत्र नहीं बनाए जाएंगे। जिले के 429 व प्रदेश के 4700 पंचायत कर्मचारीयों ने पंचायत के काम को छोड़कर हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है।
इससे पूर्व भी पंचायतों में कार्यरत जिला परिषद कैडर के अधीन पंचायत कर्मचारीयों ने अपनी मांगों को लेकर 2 जुलाई 2022 को कलम छोड़ो हड़ताल आरंभ की थी लेकिन तत्कालीन सरकार ने 11 दिन के बाद इनकी मांगों को मानने का आश्वासन देकर हड़ताल को खत्म करवा दिया था। वर्तमान सरकार ने सत्ता में आने से पूर्व प्रदेश के इन कर्मचारियों की मांगों को कैबिनेट की पहली बैठक में पूरा करने का आश्वासन दिया था लेकिन ऐसा नहीं हो पाया है।
जिला परिषद कैडर के अधीन यह कर्मचारी पिछले कई वर्षों से अपनी मांगों को पूरा करने के लिए सरकारों से आग्रह कर रहे हैं लेकिन अभी तक किसी भी सत्ता में आने वाली सरकार ने उनकी मांगों को पूरा नहीं किया है। उनकी मांगों में शामिल उनका पंचायती राज विभाग में विलय, छठे वेतन आयोग के लाभ व सेवानिवृत्ति के पश्चात पेंशन लगाना हैं।
अब इन पंचायत कर्मचारियों ने वीडीयो के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है कि उनकी मांगों को चुनाव से पहले किए गए वादे के मुताबिक पूरा किया जाए अन्यथा सभी पंचायत कर्मचारी कलम छोड़ो हड़ताल पर निरंतर बने रहेंगे।
पंचायत कर्मचारी संघ ने दो टूक कहा है कि अगर उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता है तो हड़ताल से भी बड़े कदम उठाने के लिए बाध्य होंगे। पंचायतों में ठप्प पड़ने वाले कार्यों व अन्य किसी भी नुकसान की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी इसके बारे में पंचायत कर्मचारी ने हड़ताल से 10 दिन पूर्व प्रशासन को अवगत करवा दिया है।
