युक्रेन के बाद अब एमबीबीएस के लिए रूस बना पहली पसंद
मोहित कांडा, हमीरपुर।
भारत से हर साल कई स्टूडेंट्स एमबीबीएस की पड़ाई के लिए विदेशों का रुख करते हैं। जिसमे रूस, युक्रेन, कज़ाकिस्तान , किर्गिस्तान, उज्बेकिस्तान, जॉर्जिया, पोलैंड आदि कई और देश भी हैं। हर साल हज़ारों की संख्या में भारतीय छात्र इन देशों में अपना डॉक्टर बनने का सपना पूरा करने के लिए वहाँ अपना एडमिशन करवाते हैं।
युक्रेन कई सालों से भारतीय छात्रों की पहली पसंद रहा है।
लेकिन युक्रेन और रूस के बीच में चल रही तनातनी में वहाँ पढ़ रहे भारतीय बच्चे अपना ट्रांसफर और देशों में करवा रहे हैं। क्योंकि भारत में एमबीबीएस की कुल सीटें लगभग एक लाख के करीब हैं, और वर्ष, 2022 में करीब बाइस लाख छात्रों ने नीट का पेपर दिया था। युक्रेन में तकरिबन 20 से 25 हज़ार नये छात्र हर साल एडमिशन करवाते थे। अब ये सारे छात्र अन्य देशों का रुख कर रहे हैं। जिनमें से ज्यादातर छात्र रूस जा रहे हैं।
एमआरएस मेडीटेक, जो की उत्तर भारत की अग्रिणी इम्मिग्रेशन् कंपनी हैं, उनके चेयरमैन गुरुदेव सैनी ने बताया की इस बार रूस में एमबीबीएस करने के लिए काफी संख्या में छात्र जा रहे हैं। और उनकी संख्या पिछले साल से दोगुनी से भी ज्यादा है।
