February 16, 2026

40 उम्र के बाद महिलाओं को इन मसालों का जरुर करना चाहिए सेवन

40 उम्र की पड़ाव पर महिलाओं को काफी हेल्थ प्रॉब्लम होती है। जैसे कि थॉयराइड, हार्मोनल इंबैलेंस और पीरियड्स से जुड़ी दिक्कते शामिल है। कमजोर हड्डियों की समस्या भी काफी देखने को मिलती है। मेनोपॉज की वजह से आर्थराइटिस होने का खतरा बढ़ जाता है। महिलाओं को 40 के बाद अपनी डाइट में इन 3 मसालों को जरुर शामिल करना चाहिए।

40 उम्र की पड़ाव पर महिलाओं को काफी हेल्थ प्रॉब्लम होती है। जैसे कि थॉयराइड, हार्मोनल इंबैलेंस और पीरियड्स से जुड़ी दिक्कते शामिल है। कमजोर हड्डियों की समस्या भी काफी देखने को मिलती है। मेनोपॉज की वजह से आर्थराइटिस होने का खतरा बढ़ जाता है। महिलाओं को 40 के बाद अपनी डाइट में इन 3 मसालों को जरुर शामिल करना चाहिए।

सेहत से जुड़ी कई समस्याएं हो जाती है दूर

40 उम्र की पड़ाव पर महिलाओं को काफी हेल्थ प्रॉब्लम होती है। जैसे कि थॉयराइड, हार्मोनल इंबैलेंस और पीरियड्स से जुड़ी दिक्कते शामिल है। कमजोर हड्डियों की समस्या भी काफी देखने को मिलती है। मेनोपॉज की वजह से आर्थराइटिस होने का खतरा बढ़ जाता है। महिलाओं को 40 के बाद अपनी डाइट में इन 3 मसालों को जरुर शामिल करना चाहिए। इसके सेवन से हेल्थ से जुड़े सभी समस्याएं दूर हो जाती है। आइए आपको बताते हैं किन मसालों का सेवन करना चाहिए।

धनिया: 40 उम्र के बाद महिलाओं में हार्मोनल इंबैलेंस की सबसे बड़ी समस्या रहती है। धनिया का पानी थायराइड की समस्या को कम करने में मदद करता है। धनिया में एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटी इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज क्रॉनिक डिसीज को कम करने में मदद करता है। आयुर्वेद के मुताबिक, धनिया तीनों तरह के दोष-वात, पित्त और कफ को शांत करने में मदद करता है। डाइजेशन को बढ़ाता है और बॉडी को डिटॉक्स करता है।

अजवाइन: अजवाइन का सेवन करने से हेल्थ से जुड़ी समस्याओं से छुटकारा मिलता है। अजवाइन की प्रॉपर्टीज डाइजेशन को बढ़ाने में मदद करती है। ब्लॉटिंग, गैस और अपच होने पर अजवाइन खाना फायदेमंद होता है। अजवाइन एंटीमाइक्रोबियल होने के साथ ही सांस से जुड़ी दिक्कतों में भी फायदेमंद होती है। अजवाइन मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है। 40 के बाद महिलाओं में मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है। इसके कारण बेली फैट बढ़ता है। यह सर्दी-जुकाम में भी राहत देता है।

सौंफ: ज्यादातर महिलाओं को मैंस्ट्रुअल क्रैम्प्स होते हैं और अनियमित पीरियड्स की शिकायत रहती है। उन लोगों को सौंफ का सेवन जरुर करना चाहिए। सौंफ में फाइटोएंस्ट्रोजन और एंटी स्पैस्मोडिक प्रॉपर्टीज होती है जो पीरियड्स में होने वाली ऐंठन को कम करते हैं और इसके साथ ही हार्मोंस को बैलेंस करने में मदद करती है। इसके साथ ही डाइजेशन बढ़ाने के साथ ओरल हेल्थ को भी बेहतर होती है।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *