बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन सदैव तैयार: तहसीलदार
लोगों की जान-माल की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम किये गये हैं, राहत शिविर में तैयारियां पूरी हैं
अफवाहों पर विश्वास न करने की सलाह, कंट्रोल रूम के बारे में दी गई जानकारी
सचिन सोनी, श्री आनंदपुर साहिब,
तहसीलदार श्री आनंदपुर साहिब बादल दीन ने आज सतलुज दर्रे से सटे इलाकों का दौरा किया और लोगों से कहा कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और नियंत्रण कक्ष से सही जानकारी प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी तरह से सुरक्षित है, लोगों की जान-माल की सुरक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है, व्यवस्थाओं पर हर वक्त नजर रखी जा रही है, भारी मात्रा में पानी आने या भारी बारिश के कारण लोगों को होने वाली किसी भी असुविधा की जानकारी उचित प्रचार माध्यम से आम लोगों तक पहुंचाने की सुचारू व्यवस्था की गयी है। सभी क्षेत्रों के अधिकारियों, कर्मचारियों को स्थिति पर नजर रखने और संभावित प्रभावित गांवों में लोगों के साथ समन्वय बनाए रखने के बारे में सूचित किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारी टीमें लगातार नियान और दरियावा नहरों के किनारों का दौरा कर रही हैं और लोगों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सतर्क किया जा रहा है। यह एक सामान्य प्रक्रिया है, वहीं कभी-कभी ऐसी अफवाहें फैलाई जाती हैं, जिससे निर्दोष आम आदमी डर जाता है, जबकि स्थिति सामान्य होती है। उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव कार्य, अधिकारियों एवं कर्मियों की तैनाती, राहत शिविरों में साफ-सफाई, सुरक्षा, भोजन, चिकित्सा देखभाल की विशेष निगरानी की जा रही है ताकि जरूरत पड़ने पर आम नागरिकों को कोई असुविधा न हो, किसी प्रकार का भय या दहशत पैदा न हो। उन्होंने कहा कि लोग अफवाहों पर विश्वास न करें, हम हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं, कोई भी सही जानकारी कंट्रोल रूम से ली जा सकती है। निचले इलाकों में भ्रमण के दौरान लोगों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं, यह आम जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की जा रही अगाओ व्यवस्था का एक हिस्सा है। तहसीलदार ने बताया कि कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस लगातार क्षेत्र पर नजर रखे हुए हैं। उपायुक्त डॉ. प्रीति यादव से प्राप्त निर्देशानुसार एसडीएम मनीषा राणा के नेतृत्व में प्रशासन के अधिकारी लगातार पंचों, सरपंचों, सामाजिक संगठनों के साथ समन्वय बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान जलजमाव की कोई सूचना नहीं मिली है, निचले इलाकों में जो पानी आता है वह तुरंत चला जाता है, लोग बिल्कुल भी घबराएं नहीं।
