चंडीगढ़ में होटल की इमारत गिरने के मामले में मालिक और आर्किटेक्ट पर होगी कार्रवाई
चंडीगढ़: सेक्टर 17-सी में एससीओ 183-185 पर स्थित एक इमारत तड़के ढह गई। हालांकि इस दौरान बड़ा हादसा टल गया। चंडीगढ़ प्रशासन ने इस इमारत को कुछ दिन पहले ही खतरनाक घोषित कर खाली कर दिया था।
अब प्रशासन ने इमारत के निजी मालिक के खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज करने और बिना संशोधित भवन योजना की मंजूरी के निर्माण कार्य शुरू करने वाले आर्किटेक्ट को कारण बताओ नोटिस जारी करने का फैसला किया है।
प्रशासन ने इमारत को एक सप्ताह पहले ही घेर लिया था, जब तीन लोड-बियरिंग खंभों में दरारें पाई गई थीं। इसलिए, इमारत के गिरने से कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। आज सुबह उपायुक्त निश्चंत कुमार यादव ने स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
एससीओ 183-185 के पास स्थित एससीओ 181-182 को भी कमजोर और असुरक्षित माना गया है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष और उपायुक्त ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 34 के तहत आदेश जारी करते हुए कहा कि जब तक संबंधित प्राधिकरण इसकी संरचनात्मक स्थिरता की जांच कर प्रमाणपत्र जारी नहीं कर देता, तब तक इसमें प्रवेश और आसपास की गतिविधियां पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेंगी।
एस.सी.ओ. 181-182 की स्थिरता का आकलन करने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने एनआईटीटीटीआर (सेक्टर-26) को नियुक्त किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया गया है कि इमारत को तुरंत खाली कराकर इसे घेर लिया जाए।
चंडीगढ़ प्रशासन ने इमारत गिरने के लिए जिम्मेदार निजी मालिक और आर्किटेक्ट के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का ऐलान किया है। जहां मालिक पर आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा, वहीं आर्किटेक्ट को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।यह घटना चंडीगढ़ में इमारतों की संरचनात्मक सुरक्षा की अनदेखी और उसके परिणामों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। प्रशासन ने भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सतर्कता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
