अपनी ही सरकार के खिलाफ जांच करवा जनता को बेवकूफ बना रही ‘आप’ सरकार: भाजपा
[8:55 am, 04/10/2024] Sharma G: नई दिल्ली: अमेरिकी संघीय सरकारी आयोग की रिपोर्ट में भारत में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति खराब होने का आरोप लगाया गया और धार्मिक स्तर पर हो रहे उल्लंघनों को ध्यान में रखते हुए उसे विशेष चिंता वाले देश के रूप में शामिल करें। रिपोर्ट पर मीडिया के सवालों के जवाब में विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि रिपोर्ट भारत के बारे में तथ्यों को गलत तरीके से पेश करती है और एक प्रोपगैंडा को बढ़ावा देती है। अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर संयुक्त राज्य आयोग (यूएससीआईआरएफ) पर हमारे विचार सर्वविदित हैं। यह राजनीतिक एजेंडे वाला एक पक्षपाती संगठन है। यह तथ्यों को गलत तरीके से पेश करना और भारत के बारे में एक प्रेरित कहानी को बढ़ावा देना जारी रखता है। हम इस दुर्भावनापूर्ण रिपोर्ट को अस्वीकार करते हैं। 7 पेज वाले इस दस्तावेज को वरिष्ठ नीति विश्लेषक सेमा हसन ने लिखा है। धर्म संबंधित रिपोर्ट में कहा कि भारत ने अपने आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने वाले यूएससीआईआरएफ के लोगों को देश का वीजा देने से इंकार किया है।इसके अलावा वहां धार्मिक नेताओं को मनमाने तरीके से गिरफ्तार कर लिया जाता है। के आधार पर घरों और धार्मिक पूजा स्थलों को निशाना बनाया जाता है। रिपोर्ट में मुस्लिम, वक्फ संशोधन बिल, गोहत्या विरोधी कानून का जिक्र किया गया है।भारत सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर संयुक्त राज्य आयोग (यूएससीआईआरएफ) पर हमारे विचार सर्वविदित हैं। यह राजनीतिक एजेंडे वाला एक पक्षपाती संगठन है। यह तथ्यों को गलत तरीके से पेश करना और भारत के बारे में एक प्रेरित कहानी को बढ़ावा देना जारी रखता है। रणधीर जयसवाल ने कहा कि सरकार दुर्भावनापूर्ण रिपोर्ट को खारिज करती है। उन्होंने कहा, “यह रिपोर्ट केवल यूएससीआईआरएफ को और अधिक बदनाम करने का काम करती है।
[8:59 am, 04/10/2024] Sharma G: अपनी ही सरकार के खिलाफ जांच करवा जनता को बेवकूफ बना रही ‘आप’ सरकार: भाजपा
नई दिल्ली: केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा है कि यह बहुत ही हास्यास्पद है कि जिस डिस्कॉम कंपनी में 49 फीसदी हिस्सेदारी दिल्ली सरकार की है उसका ऑडिट कराने का ड्रामा कर रहे हैं। मार्लेना सरकार बताए कि डिस्कॉम के खिलाफ जांच बैठाकर क्या वह अपने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल या फिर स्वयं मुख्यमंत्री आतिशी मार्लेना के खिलाफ जांच करवा रही है क्योंकि उसमें बिजली मंत्री के नाते वह खुद इसमें शामिल थीं। हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि आतिशी मार्लेना बताए कि आखिर डिस्कॉम के कर्मचारियों के पेंशन के लिए जो शेष है वह जनता से क्यों लिया जाना चाहिए, डिस्कॉम कंपनी को खुद इसको पे करना चाहिए। इसके अलावा भी कई ऐसे चार्ज बिजली बिल में ऐड होकर आते हैं जिसके कारण बिजली के बिल अधिक जमा करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि किसी का बिल यूनिट्स के अनुसार 100 रुपए का आना चाहिए तो शेष और अन्य चार्जेज मिलाकर यह 185 रुपए का आता है। लेकिन इन्हें आज ही ध्यान आया जबकि यह पिछले 10 सालों से मार्लेना सरकार का यह भ्रष्टाचार चल रहा है।
हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि बिजली के नाम पर करोड़ों रुपए का आज यह नया भ्रष्टाचार है जिसकी ऑडिट करने की बात खुद मार्लेना सरकार कर रही है। केजरीवाल सरकार और आतिशी की सरकार की भ्रष्टाचार के परते खुलनी शुरू हो गई हैं। इन लोगों ने डर की वजह से खुद ही पेंशन सेस जो बिजली के बिलों के जरिए आम जनता पर लगाया है उसके खिलाफ आज कहा है उसके इंक्वारी ऑडिट करवाएंगे। मल्होत्रा ने कहा कि यह सब सिर्फ जनता को बेवकूफ बनाने की चाल है ताकि दिल्ली की जनता के सामने अपने आप को पाक साफ बता सके। इसमें बहुत बड़ा भ्रष्टाचार है और इसमें से स्वंय दिल्ली के मुख्यमंत्री अतिशी शामिल हैं एवं अरविंद केजरीवाल भी शामिल थे। यह सब ड्रामा ठीक उसी प्रकार का है जैसे केजरीवाल जो कभी कहते थे क्यों ना तो बांग्ला लेंगे ना सिक्योरिटी लेंगे और ना ही गाड़ी लेंगे अब वह बंगलों में ही रहना चाहते हैं। इनको फालतू का ड्रामा करने की आदत है। 52 करोड रुपए इन्होंने सीएम आवास में रखरखाव के लिए लगाए इनका मन तो यह कर रहा था वहीं रह जाऊं लेकिन जो विधायक और नेता हैं, वह आज सब इनके खिलाफ हैं।
