बच्चों को सनातन धर्म में जोड़ने से ही समाज सुरक्षित होगा: यति सत्यदेवानंद सरस्वती जी महाराज
आज कर्ण, अर्जुन के किरदार को भुलने के कारण समाज हुआ पथ भ्रष्ट
सुखविंद, ऊना/ मैहरे, सनातन धर्म की रक्षा हेतु चल रहे पांच दिवसीय मां बगलामुखी महायज्ञ साधना के चतुर दिवस के यज्ञ में बच्चों को यज्ञ में आहुति डालना सिखाने उपरांत यज्ञ आचार्य यति सत्यदेवानन्द सरस्वती महाराज ने कहा की सनातन धर्म के बच्चों को अपनी संस्कृति से जोड़ने पर ही वे सुरक्षित रह सकते हैं और इनके सुरक्षित होने से यह समाज सुरक्षित होगा। एक समय था जब राक्षस हमारे यज्ञ भंग करते थे। एक आज का समय चल रहा है जिसमें सनातनी स्वयं हवन, यज्ञ से दूर होता जा रहा है। आज फिर से इस पद्धति को आरम्भ करने की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य को लेकर वे हिमाचल प्रदेश के गांव गांव जाकर यज्ञ, हवन कर रहे हैं।
धर्म चर्चा में महाभारत के एक पात्र कर्ण के बारे में चर्चा की। यति महाराज जी ने बताया कि अपने धर्म के महत्व को जानने के लिए हमें अपने पूर्वजों के किए कार्य को कभी नहीं भूलना चाहिए था। हमने दानवीर कर्ण को भुलाकर अपनी स्थिति दयनीय कर ली है। समाज के धर्म प्रचारकों को चाहिए कि वे समाज को कर्ण जैसे योद्धाओं के विषय में बताएं। इस अवसर पर मनजीत बन्याल , गौतम ठाकुर, कमलजीत सिंह, ज्ञान चंद मोदगिल, प्रीतम सिंह, कैप्टन जसवंत सिंह, कैप्टन मदन लाल, प्रताप सिंह बन्याल, राजेश कुमार, हैप्पी सिंह, करतार सिंह, ध्यान सिंह बन्याल, रवि बन्याल, काकू शर्मा, सुनील कुमार कौशल, मनजीत सिंह बन्याल आदि ने आहूति डाल कर पुण्य अर्जित किए।
