कारगिल युद्ध में 24 साल पहले हुए शहीदों को किया याद
ऊना/सुखविंदर / 26 जुलाई 2023 को भारत अपना कारगिल विजय दिवस मना रहा है। यह दिन उन भारत के वीर सपूतों के साहस और शौर्य को याद करने का दिन है। जिन्होंने कारगिल युद्ध में पाकिस्तान के नापाक मंसूबों को पटखनी देकर पाकिस्तानी फौज को खदेड़ दिया था और 26 जुलाई 1999 को दुर्गम पहाड़ियों पर तिरंगा फहराया था।इस दिन को कारगिल विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है।इस दिन तमाम जगहों पर कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है और देश के वीर सपूतों के बलिदान को याद किया जाता है। इसी कड़ी के तहत आज गगरेट विधानसभा क्षेत्र के हरवाल गांव में पूर्व सैनिक प्रकोष्ठी और भाजपा मंडल गगरेट ने तिरंगा फहराकर कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को याद करते हुए भारत माता की प्रतिमा के आगे श्रद्धा सुमन पुष्प अर्पित किए। उसके बाद दो मिनट का मौन रखकर और राष्ट्रीय गीत गाकर कार्यक्रम की शुरुआत की गई।इस मौके पर एक्स सर्विस मैन के चेयरमैन जोगिंदर पाल शर्मा, कर्नल पराशर, जिला परिषद सदस्य सुशील कालिया, पूर्व विधायक राजेश ठाकुर, बीजेपी गगरेट मंडल अध्यक्ष सतपाल, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य राममूर्ति और एक्स सर्विस मैन उपस्थित थे ।इस मौके पर चेयरमैन जोगिंदर पाल शर्मा ने पूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए बताया कि भारत और पाकिस्तान के बीच यह युद्ध लगातार 60 दिनों तक चला था।। उन्होंने कहा कि घुसपैठिए बर्फ की आड़ में छुपे थे जिन्होंने हमारी सबसे ऊंची चोटी कारगिल पर अपना कब्जा कर लिया था। उन्होंने कहा कि भारतीय सेनाओं ने उन घुसपैठियों को भगाने के लिए लगातार 60 दिनों तक भारत मां की सीमाओं की रक्षा करने के लिए युद्ध किया। जिसमें हमारे लगभग 527 जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दे दी। परन्तु फिर भी हमारे देश के जवानों ने घुसपैठियों को मौत के घाट उतार कर कारगिल की चोटी पर अपना तिंरगा फहराया। जिसमें हमारे 26 आफिसर,23 जूनियर आफिसर और 478 जवान शहीद हुए थे जिसमें हमारे हिमाचल के 52 सैनिकों ने अपने प्राणों की आहुति दी।इस मौक़े पर एक्स सर्विस के चेयरमैन जोगिंदर पाल शर्मा ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि जब सैनिक अपने देश की रक्षा के लिए कदम बढ़ाता है तो वह अपना पिछला सब कुछ भूल जाता है और शादी हो जाने के बाद भी अपने बच्चों को नहीं देख पाता और ना ही अपने माता-पिता की सेवा कर पाता है ।इस मौके पर कैप्टन पद से सेवानिवृत्त हुए संजय कुमार ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि जब कारगिल का युद्ध हुआ था तो वह उस समय सिपाही के पद पर तैनात था।जब हम तीन सैनिक खाना खा रहे थे तब एक गोली मेरे साथ बैठे हुए जवान को लगी तो हमें पता नहीं चला तो हमने उसको गिरा हुआ पाया।तो हमने उसी समय जोश और गुस्से से बाकी जवानों के साथ डट गए।उस समय हमारी ड्यूटी अमनिशन चोटी पर पहुंचाने पर लगी हुई थी। इस मौके पर गगरेट के पूर्व विधायक राजेश ठाकुर और कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इस मौके पर पूर्व विधायक राजेश ठाकुर ने भारत माता की जयघोष के साथ लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हमें अपने देश के इन वीरों की शहादत को कभी भूलना नहीं चाहिए । इन्होंने अपने देश की रक्षा के लिए अपनी जान की परवाह न करते हुए प्राणों की आहुति दे दी और कारगिल की चोटी पर विजय प्राप्त की और भारत का तरंगा फेहराया ।
