प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर किसानों की आर्थिकी सुदृढ़ करने पर सरकार का विशेष जोर …. केवल सिंह पठानिया
परगोड़ में किसान मेला एवं गोष्ठी आयोजित, 200 किसानों को वितरित किए नींबू व गलगल के पौधे
उपमुख्य सचेतक ने शीशम का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का भी दिया संदेश
परगोड़, प्रदेश सरकार द्वारा किसानों की आर्थिकी को मजबूत करने, कृषि लागत को कम करने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से प्राकृतिक खेती को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से बढ़ावा दिया जा रहा है और साथ ही किसानों को प्राकृतिक खेती के साथ-साथ बागवानी एवं कृषि विविधिकरण से जोड़कर उनकी आय के अतिरिक्त साधन विकसित करने पर भी विशेष बल दिया जा रहा है यह बात उपमुख्य सचेतक एवं शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक केवल सिंह पठानिया ने आज ग्राम पंचायत परगोड़ में आयोजित किसान मेला एवं किसान गोष्ठी के दौरान कही।
उन्होंने इस अवसर पर किसानों से संवाद किया तथा कृषि एवं बागवानी विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी लेने के साथ-साथ किसानों की समस्याएं भी सुनीं।
केवल सिंह पठानिया ने कहा कि प्रदेश में राजीव गांधी प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना शुरू की गई । योजना का उद्देश्य किसानों की खेती की लागत को कम करने, उनकी आय में वृद्धि करने तथा रासायनिक खेती से मानव स्वास्थ्य एवं पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को कम करना है। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती को अपनाने तथा अधिक से अधिक किसानों को इसके साथ जोड़ने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिला में अब तक 61,246 किसानों एवं बागवानों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। जिले की 814 पंचायतों में 50,313 किसान 9,254.30 हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक तरीके से विभिन्न फसलों की खेती कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह प्राकृतिक खेती के प्रति किसानों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था की गई है। प्राकृतिक रूप से उगाए गए गेहूं को 80 रुपये, मक्का को 50 रुपये तथा कच्ची हल्दी को 150 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदा जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि कांगड़ा जिला में पिछले तीन वर्षों के दौरान 445 किसानों से 689.07 क्विंटल मक्का, 726 किसानों से 1602.20 क्विंटल गेहूं तथा 108 किसानों से 263.73 क्विंटल हल्दी की खरीद की गई है।
उन्होंने बताया कि विकास खंड रैत में 385.6 हेक्टेयर क्षेत्र में 1,845 किसान प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। वर्ष 2023-24 से 31 अगस्त, 2026 तक विकास खंड रैत में 21 किसानों से 44.65 क्विंटल गेहूं, 9 किसानों से 7.41 क्विंटल मक्का तथा 5 किसानों से 7 क्विंटल हल्दी की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की गई है।
किसान मेला के दौरान केवल सिंह पठानिया ने करीब 200 किसानों को नींबू एवं गलगल के फलदार पौधे वितरित किए। उन्होंने किसानों से इन पौधों को खेतों एवं घरों के आसपास लगाने तथा इनके संरक्षण एवं उचित देखभाल पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि नींबू एवं गलगल जैसे फलदार पौधे किसानों की आय के अतिरिक्त साधन विकसित करने में सहायक हो सकते हैं। इससे क्षेत्र में बागवानी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ किसानों को कृषि विविधिकरण के नए अवसर भी प्राप्त होंगे।
इससे पूर्व उपमुख्य सचेतक ने ग्राम पंचायत परगोड़ में शीशम का पौधा रोपित कर पौधारोपण अभियान में भाग लिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति का सामूहिक दायित्व है। उन्होंने स्थानीय लोगों एवं किसानों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण का भी आह्वान किया।
किसान गोष्ठी के दौरान स्थानीय लोगों एवं किसानों ने विभिन्न विकासात्मक समस्याएं एवं मांगें उपमुख्य सचेतक के समक्ष रखीं। केवल सिंह पठानिया ने सभी समस्याओं एवं मांगों को ध्यानपूर्वक सुना तथा इनके शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।
उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को क्षेत्र की सड़कों की आवश्यक मरम्मत का कार्य शीघ्र करवाने के निर्देश दिए, ताकि लोगों को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने अधिकारियों से विकास कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए तत्परता से कार्य करने को भी कहा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि किसानों को सरकार की योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से उपलब्ध करवाया जाए और उन्हें आधुनिक कृषि तकनीक, प्राकृतिक खेती तथा बागवानी से जोड़कर उनकी आर्थिकी को और मजबूत किया जाए।
उन्होंने किसानों से प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने तथा प्राकृतिक खेती, फलदार पौधों के रोपण एवं पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाने का आह्वान भी किया।
इस अवसर पर अध्यक्ष चंगर कांग्रेस कमेटी सुरजन सिंह, जिला परिषद सदस्य मीना राणा ,प्रधान परगोड औंकार सिंह,उपप्रधान बलदेव सिंह , निदेशक कृषि आत्मा प्रोजेक्ट डॉ शशि पाल अत्रि सहित विभिन्न पंचायत प्रतिनिधि ,विभागीय अधिकारी और कांग्रेस पार्टी कार्यकर्ता स्थानीय लोग व किसान उपस्थित रहे।
