September 1, 2026

सुभाष चंद्रा को एनसीटीएल से बड़ा झटका: 22,006 करोड़ रुपए के लोन निपटारे पर रोक

संपत्ति ट्रांसफर करने पर भी पाबंदी

नई दिल्ली, नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीटीएल) ने मंगलवार को एस्सेल समूह के चेयरमैन सुभाष चंद्रा से जुड़े दिवालियापन मामले में 25 अगस्त को दिए अपने आदेश पर रोक लगा दी। साथ ही ट्रिब्यूनल ने सुभाष चंद्रा को गारंटर के तौर पर अपनी संपत्तियों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से ट्रांसफर करने से भी रोक दिया है।

मामले की सुनवाई कर रही तीन सदस्यीय पीठ के सदस्यों के बीच आदेश को लेकर मतभेद सामने आने के बाद इसे एनसीटीएल की पांच सदस्यीय स्पेशल बेंच के समक्ष भेजा गया था। मंगलवार को स्पेशल बेंच ने मामले की सुनवाई शुरू की और कहा कि पहले के आदेशों में मतभेद था तथा कोई स्पष्ट बहुमत नहीं था, जिसे लागू किया जा सके।

स्पेशल बेंच ने पुराने आदेश के तहत 22,006 करोड़ रुपए से अधिक के लोन को करीब ₹6.26 करोड़ में निपटाने के फैसले पर रोक लगा दी। इसके साथ ही सुभाष चंद्रा को अपनी संपत्तियां बेचने या किसी अन्य तरीके से ट्रांसफर करने से भी रोक दिया गया है। एनसीटीएल ने मामले से जुड़े सभी पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

दरअसल, पुराने आदेश में एनसीटीएल ने सुभाष चंद्रा से जुड़े 22,006 करोड़ रूपए से अधिक के लोन का निपटारा करीब 6.25 करोड़ रूपए में करने का आदेश दिया था। हालांकि, ये लोन सुभाष चंद्रा के व्यक्तिगत लोन नहीं हैं। वह इन कर्जों के गारंटर हैं। ऐसे में गारंटर के तौर पर उनके खिलाफ दिवालियापन की कार्रवाई चल रही थी। पुराने आदेश के तहत करीब 6.25 रुपए करोड़ के भुगतान से इस मामले में दिवालियापन की प्रक्रिया खत्म करने का रास्ता साफ हो गया था।

एनसीटीएल के पुराने फैसले के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठा कि 22,006 करोड़ रुपए से ज्यादा के लोन का निपटारा महज करीब 6.25 करोड़ रूपए के भुगतान से कैसे किया जा सकता है। इस फैसले को लेकर विवाद बढ़ने के बाद मामला स्पेशल बेंच के सामने पहुंचा।

अब पांच सदस्यीय स्पेशल बेंच ने पुराने आदेश पर रोक लगाकर मामले को नए सिरे से सुनने का रास्ता साफ कर दिया है। साथ ही सुभाष चंद्रा की संपत्तियों के ट्रांसफर पर रोक लगाकर यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है कि मामले की सुनवाई के दौरान संपत्तियों को हटाया या बेचा न जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *