ईरान के प्रमुख सुन्नी धर्मगुरु की पाकिस्तान बॉर्डर पर सरेआम गोली मारकर हत्या
मिर्जावेह, एक तरफ ईरान इन दिनों अमेरिका के साथ सीधे और भीषण सैन्य टकराव में उलझा हुआ है, तो वहीं दूसरी तरफ देश के भीतर एक बड़ी खूनी वारदात ने सनसनी फैला दी है। पाकिस्तान की सीमा से सटे ईरान के दक्षिण-पूर्वी शहर मिर्जावेह में एक प्रमुख सुन्नी धर्मगुरु मौलवी मोहम्मद अनवर रिगी की अज्ञात बंदूकधारियों ने सरेआम हत्या कर दी है। मौलवी अनवर इस शहर में हर शुक्रवार को होने वाली नमाज के इमाम थे। शिया बहुल देश ईरान में यह सनसनीखेज वारदात सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में हुई है, जहां सुन्नी बलूच आबादी बहुतायत में रहती है। ईरान के सरकारी मीडिया ने स्थानीय प्रशासन के हवाले से इस निर्मम हत्याकांड की पुष्टि की है।
सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत की गिनती ईरान के सबसे गरीब और अशांत इलाकों में होती है। यह क्षेत्र लंबे समय से इस्लामी या जातीय उग्रवादियों और सुरक्षा बलों के बीच खूनी संघर्ष का गवाह रहा है। इस हाई-प्रोफाइल हत्या के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि इस जानलेवा हमले का मुख्य मकसद देश की आंतरिक सुरक्षा को अस्थिर करना और प्रांत में सांप्रदायिक मतभेदों की आग को भड़काना है। फिलहाल पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है और प्रशासन ने स्थानीय लोगों से किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।
ईरान के भीतर यह अस्थिरता ऐसे बेहद संवेदनशील वक्त में सामने आई है जब वह बाहरी मोर्चे पर भी भयंकर तनाव से गुजर रहा है। अमेरिका ने लगातार नौवीं रात ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर भारी बमबारी की है, जिसके जवाब में ईरान भी खाड़ी देशों में लगातार पलटवार कर रहा है। इन बढ़ती तल्खियों के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कर दिया है कि अमेरिका के साथ यह युद्ध तब तक नहीं थमेगा, जब तक ईरान को इस लड़ाई में मजबूत बढ़त नहीं मिल जाती। सरकारी न्यूज एजेंसी को दिए एक कड़े इंटरव्यू में अराघची ने स्पष्ट किया है कि जब तक संघर्ष में स्थिति ईरान के पक्ष में मजबूत नहीं होती, तब तक किसी भी तरह की बातचीत नहीं होगी। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि जल्दबाजी में समझौते की मेज पर बैठना सही नहीं है और देश के भविष्य व लोगों की जान को खतरे में नहीं डाला जा सकता।
