40 सेकंड में श्मशान बन गया वेनेजुएला, मलबे में दबीं हजारों जिंदगियां
सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा तबाही का मंजर
काराकस, एक रात पहले तक जहां सब कुछ बिल्कुल सामान्य था, स्पेस से ली गई सैटेलाइट तस्वीरों में घर, सड़कें और पूरा शहर सुरक्षित नजर आ रहा था, वहां अचानक सब कुछ मलबे के ढेर में तब्दील हो जाए। वेनेजुएला में ठीक ऐसा ही खौफनाक मंजर देखने को मिला है। यहां 40 सेकंड से भी कम समय के भीतर 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो बेहद शक्तिशाली और विनाशकारी भूकंपों ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम 235 लोगों की दर्दनाक मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 4,300 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हैं। प्रशासन को आशंका है कि मलबे में दबे लोगों के कारण मौतों का यह आंकड़ा अभी और भी भयानक रूप ले सकता है।
वेनेजुएला के उत्तर-मध्य राज्य ला गुएरा और काराकस मेट्रोपॉलिटन इलाके में इस भूकंप ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई है। स्पेस से ली गई भूकंप से पहले और बाद की सैटेलाइट तस्वीरों ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। 8 मई की तस्वीरों में ला गुएरा का जो इंडस्ट्रियल एरिया पूरी तरह सुरक्षित और आबाद दिख रहा था, वह 25 जून की तस्वीरों में पूरी तरह मिट्टी में मिला हुआ नजर आ रहा है। मलबे से उठी धूल के गुबार ने सैटेलाइट की तस्वीरों को भी धुंधला कर दिया है। इसके अलावा, ला गुएरा के गोदामों, प्लाया ग्रांडे की बहुमंजिला इमारतों और वर्गास म्युनिसिपैलिटी के प्लाया प्यूर्टो विएजो की जो तस्वीरें सामने आई हैं, उनमें साफ दिख रहा है कि कैसे पलक झपकते ही पूरी की पूरी इमारतें जमींदोज हो गईं और लाल रंग की छत वाले गोदाम पूरी तरह मलबे में बदल गए।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तबाही का सबसे बड़ा कारण इन दोनों भूकंपों का जमीन के बेहद करीब आना था। ये दोनों शक्तिशाली झटके जमीन के अंदर मात्र 10 किलोमीटर की उथली गहराई पर आए, जिसके कारण भूकंप की अधिकांश विनाशकारी ऊर्जा सतह के बिल्कुल निकट ही रिलीज हो गई। सबसे भयानक बात यह रही कि 7.2 और 7.5 तीव्रता के इन दोनों बड़े झटकों के बीच एक मिनट से भी कम का फासला था, जिसने लोगों को संभलने या भागने का कोई मौका ही नहीं दिया और इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं।
