थोक महंगाई दर 9.68 प्रतिशत के पार; अप्रैल के मुकाबले मई में बेतहाशा बढ़ी महंगाई
नई दिल्ली, देश की आम जनता को महंगाई के मोर्चे पर एक बार फिर तगड़ा झटका लगा है। अगर आपको लग रहा था कि बाजार में जल्द ही सामान सस्ता होने वाला है और घरेलू बजट में कुछ राहत मिलेगी, तो आपकी इन उम्मीदों पर फिलहाल पानी फिर गया है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए थोक मूल्य सूचकांक के ताजा आंकड़ों ने सरकार से लेकर आम उपभोक्ताओं तक की चिंताएं काफी बढ़ा दी हैं। थोक बाजार के स्तर पर महंगाई की दर में इतनी तेजी से उछाल आया है कि आने वाले दिनों में हर घर का बजट बिगड़ना लगभग तय माना जा रहा है।
सोमवार को मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों ने साफ कर दिया है कि महंगाई का ग्राफ नीचे आने के बजाय तेजी से ऊपर चढ़ रहा है। मई 2026 में देश की थोक महंगाई दर उछलकर सीधे 9.68 प्रतिशत के चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई है। यह आंकड़ा इसलिए भी ज्यादा परेशान करने वाला है क्योंकि ठीक एक महीने पहले अप्रैल 2026 में यह दर 8.26 प्रतिशत पर दर्ज की गई थी। थोक बाजार में आई इस भारी तेजी का सीधा असर बहुत जल्द खुदरा बाजार पर भी देखने को मिलेगा, जिसका मतलब है कि आने वाले दिनों में बाजार से सामान खरीदने के लिए आपको अपनी जेब और ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी।
थोक महंगाई में आए इस डरावने उछाल के पीछे सबसे बड़ा कारण ईंधन, बिजली और कच्चे तेल की कीमतों में आई रिकॉर्ड तेजी है। आंकड़ों के मुताबिक, ईंधन और बिजली क्षेत्र में थोक महंगाई दर अप्रैल के 24.89 प्रतिशत से लंबी छलांग लगाते हुए मई में सीधे 30.33 प्रतिशत पर पहुंच गई है। वहीं, कच्चे तेल की स्थिति और भी ज्यादा खतरनाक है। कच्चे तेल के मोर्चे पर महंगाई का स्तर मई में 61.51 प्रतिशत के रिकॉर्ड और खतरनाक स्तर पर दर्ज किया गया है, जो अप्रैल के महीने में 56.31 प्रतिशत था। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि इन जरूरी क्षेत्रों में बढ़ती कीमतों ने पूरे बाजार में महंगाई की आग भड़का दी है।
