भारत कभी बाहरी दबाव में न झुका, न झुकेगा: पुतिन
नई दिल्ली, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि भारत ने कभी भी अपनी सीमाओं के बाहर से मिले आदेशों का पालन नहीं किया है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नई दिल्ली पर रूस के साथ व्यापारिक संबंधों में कटौती करने का दबाव बना रहे हैं। पुतिन की टिप्पणी को अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए रूस की ओर से स्पष्ट संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम में बोलते हुए पुतिन ने कहा कि भारत और चीन जैसे देशों की संप्रभुता तथा स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता पर कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता। रूस के आर्थिक रूप से अलग-थलग पड़ने संबंधी एक प्रश्न के जवाब में पुतिन ने कहा कि भारत ने कभी भी विदेश से मिले किसी आदेश का पालन नहीं किया है। इसी तरह चीन भी अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर फैसले लेता है। संप्रभुता और स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता पर कभी सवाल नहीं उठाया जा सकता।
इससे पहले सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम-2026 को संबोधित करते हुए पुतिन ने भारत को वैश्विक आईटी उद्योग का एक प्रमुख साझेदार और दुनिया के बड़े तकनीकी खिलाड़ियों में से एक बताया था। गौरतलब है कि सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम को अक्सर विश्व आर्थिक मंच के दावोस सम्मेलन के रूसी विकल्प के रूप में देखा जाता है, जहां अमेरिका और यूरोपीय देशों की अगुआई में वैश्विक आर्थिक मुद्दों पर चर्चा होती है।
पुतिन पहले भी कह चुके हैं कि रूस के साथ संबंधों को लेकर भारत पर दबाव बनाने की कोशिशें बेकार साबित होंगी। उनका कहना था कि भारत एक भरोसेमंद साझेदार है और वह पश्चिमी देशों के दबाव में अपने राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेगा।
