May 18, 2026

रेलवे ट्रैक-एयरपोर्ट पार्किंग में बम धमाके करने की धमकी

लुधियाना-संगरूर के स्कूलों को भी उड़ाने का थ्रेट, पुलिस अलर्ट

चंडीगढ़, पंजाब में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया जब लुधियाना और संगरूर के कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी भरे ई-मेल मिले। ई-मेल में खुद को खालिस्तान समर्थक संगठन बताने वाले अज्ञात लोगों ने हलवारा एयरपोर्ट की पार्किंग और धूरी-दिल्ली रेलवे ट्रैक को भी निशाना बनाने की धमकी दी। सूचना मिलते ही पुलिस, एंटी-सबोटाज टीम और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गईं।

लुधियाना के जिन स्कूलों को धमकी मिली उनमें दुगरी का बाल भारती स्कूल, डीएवी स्कूल सराभा नगर एक्सटेंशन, सेक्रेड हार्ट स्कूल, द एशियन स्कूल और भारतीय विद्या मंदिर की कई शाखाएं शामिल हैं। ई-मेल सामने आते ही स्कूल प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सुरक्षा के मद्देनजर स्कूल परिसरों को खाली कराया गया और चल रही परीक्षाएं बीच में ही रोक दी गईं। पुलिस और बम निरोधक दस्तों ने स्कूलों में गहन तलाशी अभियान चलाया, लेकिन किसी भी परिसर से कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। अधिकारियों के मुताबिक शुरुआती जांच में यह धमकी अफवाह फैलाने और दहशत पैदा करने की कोशिश लग रही है, हालांकि मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच जारी है।

सराभा नगर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर विजय कुमार ने बताया कि धमकी भरा ई-मेल मिलने के बाद सभी स्कूलों में सुरक्षा जांच कराई गई। फिलहाल किसी भी तरह का विस्फोटक नहीं मिला है। साइबर सेल की मदद से ई-मेल भेजने वाले की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। धमकी भरे संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के खिलाफ आपत्तिजनक बातें लिखी गईं। साथ ही पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और पूर्व पुलिस अधिकारियों को भी धमकियां दी गईं। मेल में दावा किया गया कि अलग-अलग समय पर स्कूलों, हलवारा एयरपोर्ट पार्किंग और रेलवे ट्रैक पर धमाके किए जाएंगे।

ई-मेल में सुबह 11:11 बजे स्कूलों में आईईडी ब्लास्ट, दोपहर 1:11 बजे एयरपोर्ट पार्किंग में विस्फोट और धूरी-दिल्ली रेलवे रूट पर दोपहर से रात तक धमाके करने की बात कही गई थी। हालांकि तय समय गुजरने के बाद कहीं भी कोई विस्फोट नहीं हुआ। घटना के बाद पंजाब पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है। रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और स्कूलों के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि धमकी के पीछे कोई संगठित नेटवर्क है या यह केवल डर फैलाने की साजिश।

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