दो चरणों में होगी डिजीटल माध्यम से जनगणना : पृथी पाल सिंह
ऊना, सामान्य प्रशासन विभाग, हिमाचल प्रदेश द्वारा 22 अप्रैल को जारी अधिसूचना के अनुसार राज्य में जनगणना-2027 डिजीटल माध्यम से दो चरणों में आयोजित की जाएगी। यह जानकारी नगर निगम आयुक्त पृथी पाल सिंह ने दी।
उन्होंने बताया कि जनगणना के प्रथम चरण के अंतर्गत 16 जून से 15 जुलाई, 2026 तक मकान सूचीकरण एवं आवास जनगणना का कार्य किया जाएगा। इसके अतिरिक्त नागरिकों को स्व-गणना की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी, जिसके लिए विंडो लिंक https://se.census.gov.in/� पर 1 जून से 15 जून तक सुविधा उपलब्ध रहेगी।
आयुक्त ने बताया कि द्वितीय चरण में फरवरी, 2027 से जनसंख्या गणना का कार्य आरंभ किया जाएगा। इस दौरान योजना निर्माण, नीति-निर्धारण, संसदीय, विधानसभा, पंचायत एवं स्थानीय निकाय क्षेत्रों के परिसीमन तथा आरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण आंकड़े एकत्रित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि जनगणना अधिनियम, 1948 के प्रमुख प्रावधानों के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति जनगणना अधिकारी द्वारा पूछे गए प्रश्नों का सत्यतापूर्वक उत्तर देने के लिए वैधानिक रूप से बाध्य है। अधिभोगी व्यक्तियों को जनगणना अधिकारियों को परिसर में प्रवेश करने तथा जनगणना चिन्ह अथवा संख्यांक अंकित करने की अनुमति देनी होगी। इसके अतिरिक्त निवासगृह, वाणिज्यिक अथवा औद्योगिक संस्थानों के अधिभोगी या प्रबंधक को जनगणना अनुसूची भरकर हस्ताक्षरित करने के उपरांत वापस करनी होगी।
पृथी पाल सिंह ने बताया कि जनगणना के दौरान उत्तर देने से इनकार करना, मिथ्या जानकारी देना, अधिकारियों के कार्य में बाधा उत्पन्न करना अथवा जनगणना चिन्हों को नष्ट करना दंडनीय अपराध है, जिसके लिए एक हजार रुपये तक जुर्माना अथवा तीन वर्ष तक कारावास का प्रावधान है।
उन्होंने कहा कि जनगणना अभिलेख पूर्णतः गोपनीय रखे जाते हैं तथा इन्हें किसी भी सिविल अथवा दांडिक कार्यवाही में साक्ष्य के रूप में उपयोग नहीं किया जा सकता। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे आगामी जनगणना कार्यों में जनगणना अधिकारियों को पूर्ण सहयोग प्रदान करें तथा सटीक एवं वास्तविक जानकारी उपलब्ध करवाएं, ताकि इन आंकड़ों का उपयोग प्रभावी योजना निर्माण, नीति निर्धारण और सार्वजनिक प्रशासन के लिए किया जा सके।
