शेयर बाजार में भूचाल, निवेशकों के 10 लाख करोड़ रुपए खाक
मुंबई, मंगलवार का दिन भारतीय शेयर बाजार और निवेशकों के लिए किसी भयानक सपने से कम नहीं रहा। दलाल स्ट्रीट में आज ऐसा जबरदस्त भूचाल आया कि पलक झपकते ही निवेशकों की गाढ़ी कमाई खाक हो गई। सेंसेक्स और निफ्टी में औंधे मुंह गिरावट दर्ज की गई, जिसके चलते बाजार में चौतरफा हाहाकार मच गया। इस भयंकर बिकवाली और अफरा-तफरी के बीच शेयर बाजार के निवेशकों के 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा डूब गए, जिससे पूरे मार्केट में भारी दहशत का माहौल है।
बाजार में आई इस ऐतिहासिक गिरावट के पीछे की जो वजह सामने आ रही है, उसने सबको हैरान कर दिया है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में की गई मितव्ययिता (खर्चों में कटौती या सादगी) की अपील का सीधा और नकारात्मक असर बाजार के सेंटीमेंट पर पड़ा है। इस बयान के बाद निवेशकों में घबराहट फैल गई और उन्होंने उन सेक्टर्स के शेयरों से अपना पैसा अंधाधुंध निकालना शुरू कर दिया, जिनके कम खपत (लो कंजम्पशन) के कारण सबसे ज्यादा प्रभावित होने की आशंका थी। यही वजह रही कि बाजार ताश के पत्तों की तरह ढह गया।
बाजार के आंकड़ों पर नजर डालें तो गिरावट की गहराई का अंदाजा साफ लग जाता है। मंगलवार के कारोबारी सत्र के अंत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स लगभग 1500 अंकों का बड़ा गोता लगाते हुए 74,559.24 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी इस सुनामी में खुद को संभाल नहीं पाया और 436.30 अंक टूटकर 23,379.55 के स्तर पर जा गिरा। लाल निशान पर बंद हुए बाजार ने निवेशकों को गहरे सदमे में डाल दिया है और हर कोई अब आगे के हालात को लेकर चिंतित नजर आ रहा है।
