हिंसा या बदले की भावना से दूर रहे कार्यकर्ता: सुवेंदु अधिकारी
बोले-तृणमूल संस्कृति न अपनाएं
कोलकाता, पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र से लगातार तीसरी बार जीत दर्ज करने के बाद अपने पहले संबोधन में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने कार्यकर्ताओं को बड़ा संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि चुनाव जीतने के बाद किसी भी तरह की हिंसा या बदले की भावना से दूर रहना ही पार्टी की प्राथमिकता होनी चाहिए। सुवेंदु अधिकारी ने अपने समर्थकों से अपील करते हुए कहा- मैं समझता हूं कि पिछले 15 सालों में आप सभी ने किस तरह की कठिनाइयों और अत्याचारों का सामना किया है। लेकिन मैं आपसे आग्रह करता हूं कि कानून अपने हाथ में न लें। टीएमसी की संस्कृति को न अपनाएं और जो उन्होंने किया, उसे दोहराने की कोशिश न करें। अब चुनाव खत्म हो चुके हैं, सभी को शांति से मिलकर रहना चाहिए। उन्होंने पूर्वी मेदिनीपुर जिले के पार्टी नेतृत्व को भी निर्देश दिया कि नई सरकार के शपथ ग्रहण तक किसी भी तरह की विजय रैली न निकाली जाए। सुवेंदु अधिकारी ने कहा- संभावना है कि 9 मई को शपथ ग्रहण होगा। उसके बाद ही विजय जुलूस आयोजित करें, वह भी शांतिपूर्ण तरीके से और जिला प्रशासन से अनुमति लेकर।
इस बार पूर्वी मेदिनीपुर जिले की सभी 16 विधानसभा सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की है, जो कभी तृणमूल कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता था। सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम के साथ-साथ दक्षिण कोलकाता की भवानीपुर सीट से भी जीत हासिल की है, जहां उन्होंने मौजूदा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को करीब 15 हजार से अधिक वोटों से हराया।
नंदीग्राम के मतदाताओं को संबोधित करते हुए सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत और उनकी व्यक्तिगत जीत के पीछे दो मुख्य कारण धैर्य और सहनशीलता रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिन लोगों ने भाजपा कार्यकर्ताओं और आम जनता के साथ अत्याचार किया है, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि नई सरकार ऐसे सभी मामलों को फिर से खोलेगी और दोषियों को कानून के मुताबिक सजा दी जाएगी। लेकिन आप सभी से फिर कहता हूं कि कानून अपने हाथ में न लें।
