ऊना में श्रमिकों के लिए मजबूत सहारा बना कामगार कल्याण बोर्ड
1,166 कामगारों को 6.26 करोड़ से अधिक की सहायता, शिक्षा से लेकर आवास तक योजनाओं का लाभ
ऊना, ऊना ज़िले में निर्माण श्रमिकों के लिए हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड एक मजबूत सहारा बनकर उभरा है। बोर्ड के माध्यम से श्रमिकों और उनके परिवारों को शिक्षा, विवाह, चिकित्सा, आवास और पेंशन जैसी योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे उनके जीवन में सीधा बदलाव देखने को मिल रहा है।
ज़िला श्रम कल्याण अधिकारी अमन शर्मा ने बताया कि ऊना जिले में 31,575 पंजीकृत श्रमिक बोर्ड से जुड़े हैं। दिसंबर 2022 से अब तक 1,166 लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं के तहत 6,26,31,049 रुपये की सहायता दी जा चुकी है।
शिक्षा सहायता योजना से बच्चों के सपनों को पंख
उन्होंने बताया कि श्रमिकों के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से शिक्षा सहायता योजना के तहत 740 लाभार्थियों को 3,37,55,900 रुपये की आर्थिक मदद दी गई। इससे अनेक परिवारों के बच्चों को स्कूल, कॉलेज, तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा जारी रखने में सहायता मिली है।
विवाह सहायता योजना से परिवारों को संबल
ज़िला श्रम कल्याण अधिकारी ने बताया कि श्रमिक परिवारों की बेटियों एवं बच्चों के विवाह के लिए लाभार्थियों को 1,75,95,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। इससे जरूरतमंद परिवारों का आर्थिक बोझ कम हुआ है और सामाजिक सुरक्षा को मजबूती मिली है।
चिकित्सा एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ
वहीं, मेडिकल सहायता योजना के तहत 9 श्रमिकों को 96,649 रुपये की सहायता दी गई, जबकि मृत्यु सहायता योजना के अंतर्गत 41 परिवारों को 96,20,000 रुपये की राहत राशि प्रदान की गई। इससे कठिन परिस्थितियों में प्रभावित परिवारों को बड़ा सहारा मिला है।
आवास योजनाओं से पूरा हो रहा घर का सपना
प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 10 श्रमिकों को 7,32,500 रुपये की सहायता दी गई, जिससे पात्र परिवारों को घर निर्माण में मदद मिली। इसके अतिरिक्त पेंशन योजना, छात्रावास सुविधा, मातृत्व-पितृत्व लाभ तथा बेटी जन्म सहायता जैसी योजनाओं का लाभ भी श्रमिक परिवारों को दिया जा रहा है।
कामगारों की सामाजिक सुरक्षा के लिए अनेक योजनाएं
जिला श्रम कल्याण अधिकारी अमन शर्मा ने बताया कि लाभार्थियों को पारदर्शी एवं सरल प्रक्रिया के तहत योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बोर्ड के तहत स्वयं के विवाह तथा दो बच्चों के विवाह के लिए 51-51 हजार, चिकित्सा सहायता में 50 हजार से 5 लाख तक तथा शिक्षा सहायता में पहली कक्षा से पीएचडी तक 8,400 से 1.20 लाख तक आर्थिक मदद प्रदान की जाती है।
इसके अतिरिक्त 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर 1,000 मासिक पेंशन, सदस्य की मृत्यु पर आश्रितों को 2 लाख से 4 लाख, अंतिम संस्कार हेतु 20 हजार, बेटी जन्म उपहार योजना के तहत 51 हजार, विधवा पेंशन, होस्टल सुविधा तथा मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत भी आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
श्रमिक हित को प्रतिबद्ध
हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर कहते हैं कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के मार्गदर्शन में बोर्ड श्रमिकों के कल्याण के लिए तत्परता से कार्य कर रहा है। इसी दिशा में योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। श्रमिकों के पंजीकरण, नवीनीकरण तथा योजनाओं का लाभ सरलता से उपलब्ध करवाने के लिए निरंतर प्रयास जारी हैं।
श्री कंवर का कहना है कि सरकार और बोर्ड श्रमिक वर्ग के कल्याण और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने, उनके बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने और परिवारों को आर्थिक संबल देने को प्रतिबद्ध हैं ।
वहीं, बोर्ड के सचिव एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजीव कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के निर्देशानुसार योजनाओं को पारदर्शी और सरल बनाया गया है, ताकि पात्र श्रमिकों तक बिना किसी बाधा के लाभ पहुंच सके।
उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने कहा कि जिला स्तर पर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी पात्र श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचे जिससे अधिक से अधिक परिवार इनसे लाभान्वित हो सकें।
