कांग्रेस ने अंग्रेजों की बांटो और राज करो नीति से देश को फिर बांटने की कोशिश की: मोदी
संसद में नारी शक्ति बिल गिरने पर प्रधानमंत्री का राष्ट्र को संबोधन
नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस पर कड़ा प्रहार करते हुए उन पर देश में विभाजन की राजनीति करने का आरोप लगाया है। महिला आरक्षण (नारी शक्ति वंदन संशोधन) के विफल होने के बाद, पीएम ने स्पष्ट किया कि विपक्ष ने परिसीमन के नाम पर केवल झूठ फैलाया है ताकि देश की एकता को नुकसान पहुँचाया जा सके। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस की रणनीति पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस आज भी उसी पुरानी नीति पर चल रही है जो उसने अंग्रेजों से सीखी थी। उन्होंने कहा- कांग्रेस और उसके सहयोगी दल परिसीमन पर लगातार झूठ बोल रहे हैं। ये लोग विभाजन की आग को सुलगाना चाहते हैं। ‘बांटो और राज करो’ की यह राजनीति कांग्रेस अंग्रेजों से विरासत में सीखकर आई है और आज भी उसी के सहारे चल रही है।
विपक्ष के दावों को खारिज करते हुए प्रधानमंत्री ने राज्यों की भागीदारी पर सरकार का पक्ष पूरी मजबूती से रखा।
पीएम ने स्पष्ट किया कि सरकार ने पहले दिन से यह साफ कर दिया था कि परिसीमन से किसी भी राज्य की भागीदारी का अनुपात नहीं बदलेगा। उन्होंने जोर दिया कि सभी राज्यों की सीटें समान अनुपात में ही बढ़ेंगी, जिससे किसी भी राज्य का हक नहीं छिनेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि इसके बावजूद कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और समाजवादी पार्टी जैसे दल सत्य को स्वीकार करने को तैयार नहीं हुए।
प्रधानमंत्री ने संबोधन में बार-बार इस बात पर दुख जताया कि जब सदन में महिला आरक्षण का प्रस्ताव गिरा, तो विपक्ष ने मेजें थपथपाकर इसका जश्न मनाया। उन्होंने इसे नारी शक्ति के सपनों की भ्रूण हत्या करार दिया और कहा कि परिवारवादी दल महिलाओं के बढ़ते राजनीतिक कद से डरे हुए हैं।
प्रधानमंत्री ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि विपक्ष ने जो पाप किया है, उसकी सजा उन्हें देश की जनता और विशेष रूप से माताएं-बहनें देंगी। उन्होंने कहा- नारी सब कुछ भूल सकती है, पर अपना अपमान कभी नहीं भूलती। संसद में विपक्ष का यह व्यवहार हर नारी के मन में एक कसक बनकर रहेगा।
