April 11, 2026

किसान सिर्फ अन्न नहीं, पूरी अर्थव्यवस्था उगाता है: राजनाथ सिंह

रायसेन, दशहरा मैदान, रायसेन (मध्य प्रदेश) में शनिवार से शुरू हुए तीन दिवसीय उन्नत कृषि महोत्सव, प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण का भव्य शुभारंभ रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने किया, जहाँ मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए हजारों किसान, कृषि वैज्ञानिक, विशेषज्ञ और कृषि व संबद्ध क्षेत्रों के प्रतिनिधि एक मंच पर जुटे।

रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने मंच से सबसे पहले रायसेन की धरती पर उपस्थित अन्नदाता बहनों–भाइयों को सिर झुकाकर नमन करते हुए कहा कि वे स्वयं किसान परिवार से आते हैं और गाँव की मिट्टी में पले–बढ़े हैं, इसलिए किसान की मेहनत और संघर्ष को दिल से समझते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि रायसेन में आयोजित यह उन्नत कृषि महोत्सव हमारे किसान भाइयों–बहनों के लिए केवल लाभदायक ही नहीं, बल्कि उनके जीवन की तस्वीर बदलने वाला सिद्ध होगा। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजक केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का अभिनंदन करते हुए कहा कि किसान के हित में इतना केंद्रित और विषयगत आयोजन वास्तव में सराहनीय है। राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी हमेशा किसानों को देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हैं, और यह केवल कहने की बात नहीं, बल्कि पिछले वर्षों में जमीन पर हुए बेमिसाल कार्यों से साबित तथ्य है। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले अगर किसान के नाम पर पैसा निकलता था तो आधा रास्ते में ही दूसरों की जेब में चला जाता था, जबकि अब सरकार ने ऐसा सिस्टम बनाया है कि दिल्ली से जितना पैसा निकलता है, वह पूरा का पूरा सीधे किसान के खाते में पहुँचता है- बिना बिचौलिया, बिना कट, बिना झंझट। उन्होंने कहा कि यह आर्थिक सहायता कोई दान नहीं, बल्कि किसान के पसीने और परिश्रम का सम्मान है, जिससे वह बीज, खाद और खेत के जरूरी खर्च पूरे कर पाते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को जोखिम भरी खेती के लिए अनमोल सुरक्षा कवच बताते हुए कहा कि अब ओलावृष्टि, बाढ़, सूखा या कीट–प्रकोप जैसी विपदाओं में फसल खराब होने पर सीधा मुआवजा किसान के खाते में जाता है, जिससे उनकी कमर न टूटे, हताशा–निराशा की जगह फिर से खड़े होने का हौसला मिले। उन्होंने मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना का जिक्र करते हुए कहा कि अब किसान अपनी मिट्टी की जांच कर जमीन की जरूरत के हिसाब से ही खाद डालते हैं, जिससे उत्पादन बढ़ता है और लागत घटती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *