March 9, 2026

पंजाब बजट में महिलाओं के लिए बड़ा पैकेज, ‘मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना’ लॉन्च

चंडीगढ़, पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने अपने एक बड़े चुनावी वादे को पूरा करते हुए महिलाओं के लिए बड़ी योजना की घोषणा की है। राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री मावां धियां सत्कार योजना’ के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपए और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपए प्रति माह आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। इस योजना के तहत राज्य की करीब 97 प्रतिशत वयस्क महिलाएं लाभ उठा सकेंगी। यह घोषणा रविवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पंजाब विधानसभा में बजट पेश करते हुए राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने की। उन्होंने अपने पांचवें बजट भाषण में बताया कि इस योजना को लागू करने के लिए 2026-27 के बजट में 9,300 करोड़ रुपए का विशेष प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्री ने वर्ष 2026-27 के लिए कुल बजट व्यय 2,60,437 करोड़ रुपए प्रस्तावित किया। उन्होंने कहा कि राज्य की वित्तीय स्थिति को संतुलित रखते हुए विकास और जनकल्याण दोनों पर ध्यान दिया जा रहा है। उनके अनुसार प्रभावी राजस्व घाटा जीएसडीपी का 2.06 प्रतिशत और राजकोषीय घाटा 4.08 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि ये आंकड़े दर्शाते हैं कि सरकार जिम्मेदार वित्तीय प्रबंधन के साथ आर्थिक विकास और जनता के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर विधानसभा में खास माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत मान की माता हरपाल कौर मान, उनकी पत्नी गुरप्रीत कौर मान, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की पत्नी मंजीत कौर और राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष राज लाली गिल सहित कई महिलाएं सदन में मौजूद रहीं।
वित्त मंत्री ने अपने भाषण में कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार ने बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में अपनी चुनावी गारंटियों को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया है।
उन्होंने कहा- आज हम उस वादे को भी पूरा कर रहे हैं जो महिलाओं से किया गया था। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के इस अवसर पर भारत के इतिहास की सबसे बड़ी महिला सशक्तीकरण योजना की घोषणा करते हुए मुझे गर्व हो रहा है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान का मानना है कि किसी भी देश की प्रगति तभी संभव है जब वहां की महिलाएं आगे बढ़ें। इसी सोच के साथ ‘मुख्यमंत्री मावां धियां सत्कार योजना’ लागू की जा रही है।
वित्त मंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत राज्य की सभी वयस्क महिलाओं के बैंक खातों में सीधे पैसा ट्रांसफर किया जाएगा। सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1,000 और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1,500 दिए जाएंगे।
उन्होंने दावा किया कि यह न सिर्फ भारत बल्कि दुनिया की पहली ऐसी यूनिवर्सल कैश ट्रांसफर योजना होगी जो लगभग सभी वयस्क महिलाओं को कवर करेगी।
हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि 18 वर्ष से अधिक उम्र की लगभग सभी महिलाएं इस योजना के लिए पात्र होंगी, हालांकि कुछ श्रेणियों को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा। इनमें मौजूदा या पूर्व स्थायी सरकारी कर्मचारी, वर्तमान या पूर्व सांसद और विधायक तथा आयकर देने वाले लोग शामिल हैं।
इसके अलावा, उन्होंने स्पष्ट किया कि जो महिलाएं पहले से किसी सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ ले रही हैं, जैसे वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, बेसहारा महिलाओं की पेंशन, या दिव्यांग पेंशन, वे भी इस नई योजना के तहत लाभ लेने के लिए पात्र होंगी।
वित्त मंत्री ने बताया कि इस योजना से पंजाब की करीब 97 प्रतिशत वयस्क महिलाएं कवर होंगी, जो किसी भी राज्य में सबसे अधिक कवरेज है।
सरकार का मानना है कि इस योजना से महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता बढ़ेगी और परिवार में निर्णय लेने में उनकी भूमिका मजबूत होगी। इसके साथ ही महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े परिणामों में भी सुधार होगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि इससे लड़कियों की शिक्षा और उनके बड़े सपनों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि सशक्तीकरण का असली मतलब तभी है जब महिलाओं के पास आर्थिक सुरक्षा और सम्मान हो।
अपने भाषण में हरपाल सिंह ने दूसरे राज्यों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कई राज्यों ने इसी तरह की योजनाओं की घोषणा की है, लेकिन उन्हें बहुत सीमित दायरे में लागू किया गया है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि एक पड़ोसी राज्य ने ऐसी योजना केवल उन परिवारों तक सीमित रखी जिनकी वार्षिक आय 1 लाख रुपए से कम है, जिससे वहां केवल 20 प्रतिशत महिलाएं ही लाभान्वित हो पाती हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ऐसा जुमला नहीं करेगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान केवल 20 प्रतिशत महिलाओं के मुख्यमंत्री नहीं हैं, बल्कि पंजाब की हर महिला के मुख्यमंत्री हैं। इसलिए हमने तय किया है कि राज्य की लगभग सभी वयस्क महिलाओं को इस योजना में शामिल किया जाएगा।
वित्त मंत्री ने अपने भाषण में कहा कि अब किसी बेटी को कॉलेज की किताबें खरीदने के लिए या सरकारी नौकरी की तैयारी के लिए कोचिंग लेने के लिए किसी से पैसे मांगने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
उन्होंने कहा- चाहे कोई बेटी कॉलेज में पढ़ रही हो और उसे अतिरिक्त किताबों की जरूरत हो, या कोई लड़की सरकारी नौकरी की तैयारी कर रही हो और उसे कोचिंग के लिए पैसे चाहिए हों, या कोई महिला सिनेमा देखने जाना चाहती हो, या कोई दादी अपनी पोती के लिए खिलौना खरीदना चाहती हो, अब उन्हें किसी से पैसे मांगने की जरूरत नहीं होगी। उनका बेटा भगवंत मान हर महीने 1,000 से 1,500 उनके खाते में भेजेगा।
इस आर्थिक सहायता के अलावा सरकार महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा भी जारी रखेगी। यह योजना पहले से लागू है और महिलाओं की आवाजाही के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई है।
वित्त मंत्री ने बताया कि पिछले एक साल में ही इस योजना के तहत महिलाओं ने करीब 12 करोड़ मुफ्त बस यात्राएं की हैं। इससे पता चलता है कि यह सुविधा कितनी लोकप्रिय और उपयोगी साबित हुई है।

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