आधी रात को चोरी-छिपे अस्पताल लाए गए इमरान खान, परिवार ने उठाए गंभीर सवाल
इस्लामाबाद, पाकिस्तान की सत्ता से बेदखल होने के बाद से ही पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। तीन साल से अधिक समय से जेल में बंद इमरान खान को लेकर मंगलवार तड़के उस वक्त भारी हलचल मच गई, जब उन्हें रात 2 बजे गुपचुप तरीके से अस्पताल लाया गया। इस अचानक हुई मेडिकल विजिट ने उनके समर्थकों और परिवार की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि उनसे मिलने की अनुमति न तो उनके निजी डॉक्टरों को है और न ही परिवार के सदस्यों को।
इमरान खान को आंखों की गंभीर समस्या के चलते पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज लाया गया था। सामने आ रही जानकारी के मुताबिक, उनकी दाईं आंख की रोशनी मात्र 15 फीसदी ही बची है। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि उनके इलाज के लिए तीन इंजेक्शन का कोर्स तय किया गया है, जिनमें से यह दूसरा इंजेक्शन था। अब उन्हें तीसरा इंजेक्शन 24 मार्च को दिया जाएगा। डॉक्टरों की निगरानी में इंजेक्शन लगने और स्थिति सामान्य होने के बाद उन्हें वापस अदियाला जेल शिफ्ट कर दिया गया।
रात 2 बजे अस्पताल लाए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने कड़ी आपत्ति जताई है। पीटीआई नेता बैरिस्टर गोहर खान ने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि आखिर इस तरह चोरी-छिपे कौन सा इलाज किया जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि इमरान खान के स्वास्थ्य और इलाज की पूरी जानकारी उनके समर्थकों को दी जानी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इमरान का इलाज शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल में उनके निजी डॉक्टरों और परिवार की मौजूदगी में ही होना चाहिए।
इस पूरी गुपचुप कार्रवाई को लेकर इमरान खान की बहन अलीमा खान ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सरकार और उनके मेडिकल टेस्ट की रिपोर्ट्स पर अविश्वास जताते हुए कहा कि कानूनन किसी कैदी के इलाज की जानकारी उसके परिवार को दी जानी चाहिए, लेकिन उन्हें यह खबर मीडिया के जरिए मिली। अलीमा ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों को धमकाया गया है कि वे कोई भी जानकारी लीक न करें। वहीं दूसरी तरफ, संसदीय कार्य मंत्री तारिक फजल चौधरी ने सफाई देते हुए कहा है कि इमरान खान को पूरी सुरक्षा और कानूनी प्रक्रिया के तहत अस्पताल लाया गया था और डॉक्टरों के अनुसार उनकी आंखों की रोशनी में अब सुधार हो रहा है।
