February 22, 2026

ईरान ने यूरोपीय संघ की सेनाओं को आतंकी घोषित किया

परमाणु मुद्दे पर बढ़ा तनाव

नई दिल्ली, ईरान ने यूरोपीय संघ के सदस्य देशों की नौसेना और वायु सेना को आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है। यह कदम वर्ष 2019 में यूरोपीय संघ द्वारा ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स को आतंकवादी संगठन घोषित किए जाने के जवाब में उठाया गया है।

ईरान के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि यूरोपीय संघ द्वारा आईआरजीसी के खिलाफ की गई कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के बुनियादी सिद्धांतों के विरुद्ध है। मंत्रालय के अनुसार, यह निर्णय पारस्परिक जवाबी कार्रवाई के तहत लिया गया है। विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि 2019 में अमेरिका द्वारा आईआरजीसी को आतंकवादी संगठन घोषित किए जाने के बाद ईरान ने पारस्परिक कार्रवाई संबंधी कानून के अनुच्छेद 7 के तहत यह कदम उठाया है। इस कानून के अनुसार, जो भी देश अमेरिका के इस निर्णय का समर्थन या अनुसरण करेगा, उसके खिलाफ ईरान पारस्परिक कार्रवाई करेगा।

यूरोपीय संघ द्वारा आईआरजीसी को आतंकवादी संगठन घोषित किए जाने के बाद इसे इस्लामिक स्टेट और अल-कायदा जैसी आतंकी संगठनों की श्रेणी में रखा गया है। इस निर्णय के बाद दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक तनाव और बढ़ गया है।

1979 की इस्लामी क्रांति के बाद स्थापित आईआरजीसी ईरान की शिया धार्मिक व्यवस्था की रक्षा के लिए गठित की गई थी। समय के साथ इस संगठन ने देश की अर्थव्यवस्था और सशस्त्र बलों में व्यापक प्रभाव स्थापित कर लिया। आईआरजीसी ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु कार्यक्रमों की देखरेख में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इस बीच अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगी देश ईरान पर यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम रोकने के लिए दबाव बनाए हुए हैं। इन देशों ने ईरान पर परमाणु हथियार विकसित करने की कोशिशों को लेकर चिंता जताई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि वह 10 से 15 दिनों के भीतर परमाणु समझौते पर अमेरिका के साथ सहमति बनाए, अन्यथा परिणाम गंभीर हो सकते हैं।

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