सोनू शाह हत्याकांड : साक्ष्यों के अभाव में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई सहित 5 बरी
3 आरोपी दोषी करार, 20 को होगी सजा
चंडीगढ़, करीब सात साल पुराने और शहर के सबसे सनसनीखेज राजवीर सिंह उर्फ सोनू शाह हत्याकांड में अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने बुधवार को अपना फैसला सुना दिया। अदालत ने कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई सहित पांच आरोपियों को ठोस सबूत न होने के कारण बरी कर दिया है। वहीं, इस वारदात में शामिल तीन अन्य आरोपियों को दोषी करार दिया गया है, जिनकी सजा का ऐलान 20 फरवरी को किया जाएगा। कौन हुआ बरी और किसे मिली दोषी की मुहर? अदालत ने जेलों में बंद आरोपियों के खिलाफ पेश किए गए साक्ष्यों का बारीकी से अध्ययन किया।
बरी किए गए आरोपी : लॉरेंस बिश्नोई, धर्मेंद्र सिंह, अभिषेक उर्फ बंटी, राजू बसोदी और दीपक रंगा।
दोषी करार दिए गए आरोपी : शुभम उर्फ बिगनी, मंजीत उर्फ मोटा और राजन उर्फ जाट।
बता दें कि मामला 28 सितंबर 2019 का है जब सेक्टर-45 स्थित बुरैल गांव में प्रॉपर्टी डीलर सोनू शाह की उनके कार्यालय में घुसकर अंधाधुंध गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। करीब 14 राउंड फायरिंग हुई थी, जिसमें सोनू शाह की मौत हो गई, जबकि उनके दो साथी जोगिंदर और परमिंदर गंभीर रूप से घायल हुए थे। वारदात के बाद सोशल मीडिया पर राजू बसोदी द्वारा बिश्नोई गैंग की ओर से हत्या की जिम्मेदारी लेने का वॉयस मैसेज भी वायरल हुआ था।
अदालत में पुलिस की जांच के दौरान कई ऐसी खामियां उजागर हुईं, जिसने केस को कमजोर कर दिया- गवाहों की कमी: मुख्य गवाह जोगिंदर सिंह का पता नहीं चल सका और दूसरे गवाह परमिंदर की मौत की रिपोर्ट 19 जनवरी 2026 को मिली।
हॉस्टाइल गवाह: होटल मैनेजर चंदन और अन्य गवाह आरोपियों को पहचानने से मुकर गए।
लापरवाही की हद: पुलिस ने घटना के दिन की सीसीटीवी फुटेज तक जब्त नहीं की थी।
गायब हुए सबूत : मोहाली के होटल का रजिस्टर, जिसमें आरोपी धर्मेंद्र के हस्ताक्षर और आधार कार्ड की एंट्री थी, वह पुलिस रिकॉर्ड से गायब हो गया।
एफएसएल रिपोर्ट का अभाव : वॉयस मैसेज के लिए आवाज के नमूने तो लिए गए, लेकिन उन्हें फॉरेंसिक लैब ही नहीं भेजा गया।
बचाव पक्ष का तर्क : बचाव पक्ष के वकील अमित खैरवाल के मुताबिक, मृतक के भाई प्रवीण शाह ने केवल तीन आरोपियों (राजन, मंजीत और शुभम) की ही पहचान की थी। पुलिस बाकी आरोपियों के खिलाफ कोई भी पुख्ता दस्तावेजी या चश्मदीद सबूत पेश करने में विफल रही, जिसके कारण अदालत ने पांच लोगों को बरी कर दिया।
