February 14, 2026

डिब्रूगढ़ के नेशनल हाईवे पर हरक्यूलस विमान से उतरे पीएम मोदी

चीन बॉर्डर के पास फाइटर जेट ने भरी उड़ान

गुवाहाटी, आज असम दौरे पर हैं, जहां पीएम राज्य को कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की सौगात देंगे। डिब्रूगढ़ के नेशनल हाईवे पर पूर्वोत्तर की पहली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ईएलएफ) का उद्घाटन प्रधानमंत्री ने किया। इस दौरान वह स्वयं भारतीय वायुसेना के लॉकहीड सी-130 हरक्यूलस विमान से हाईवे पर उतरे।

उद्घाटन के अवसर पर भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान, परिवहन विमान और हेलीकॉप्टरों ने इसी हवाई पट्टी से उड़ान भरकर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। डिब्रूगढ़ से भारत-चीन सीमा, यानी अरुणाचल प्रदेश में मैकमोहन लाइन/एलएसी की दूरी लगभग 250 से 300 किलोमीटर है, जिससे इस सुविधा का सामरिक महत्व और बढ़ जाता है।

कार्यक्रम की जानकारी देते हुए असम के मुख्यमंत्री हेमंता बिसवा सरमा ने बताया कि मोरान आपातकालीन लैंडिंग सुविधा का उद्घाटन प्रधानमंत्री द्वारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि परीक्षण चरण से लेकर सफल संचालन तक यह परियोजना कनेक्टिविटी और रणनीतिक मजबूती की दिशा में एक अहम कदम है।

मुख्यमंत्री ने देश की रक्षा तैयारियों को सुदृढ़ करने और बुनियादी ढांचे के विकास का श्रेय प्रधानमंत्री को देते हुए कहा कि मोरान ईएलएफ के माध्यम से भारतीय वायुसेना के विमान आवश्यकता पड़ने पर यहां से परिचालन कर सकेंगे और असम इस रणनीतिक पहल में योगदान देकर गौरवान्वित है।

राष्ट्रीय राजमार्ग 127 के डिब्रूगढ़-मोरान खंड पर 4.2 किलोमीटर लंबे प्रबलित कंक्रीट हिस्से को भारतीय वायुसेना के समन्वय से दोहरे उपयोग वाली हवाई पट्टी के रूप में विकसित किया गया है। यह पूर्वोत्तर क्षेत्र की पहली राजमार्ग हवाई पट्टी है, जो आपात स्थितियों और रणनीतिक आवश्यकताओं के दौरान लड़ाकू जेट, परिवहन विमान और हेलीकॉप्टरों के संचालन में सक्षम होगी।

अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री असम में 5,450 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। मोरान कार्यक्रम के बाद वे गुवाहाटी पहुंचेंगे, जहां उन्होंने ब्रह्मपुत्र नदी पर बने कुमार भास्कर वर्मा सेतु का निरीक्षण करेंगे।

इसके अलावा, अमीनगांव में उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के लिए राष्ट्रीय डेटा केंद्र का उद्घाटन किया गया। प्रधानमंत्री नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट गुवाहाटी का उद्घाटन और पीएम-ईबस सेवा योजना के तहत 225 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। दौरे के समापन के बाद वे नई दिल्ली लौट जाएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *