January 25, 2026

भारतीय सेना ने श्रीलंका में बहाल किया महत्वपूर्ण सड़क मार्ग

नई दिल्ली, ऑपरेशन सागर बंधु के अंतर्गत भारतीय सेना ने श्रीलंका में एक और महत्वपूर्ण सड़क संपर्क बहाल किया है। यह मुख्य सड़क मार्ग बीते एक महीने से पूरी तरह ठप्प पड़ा हुआ था। दरअसल श्रीलंका में आए भयंकर चक्रवात दित्वाह से यहां भारी नुकसान हुआ है। इस दौरान आए तूफान में कई बड़े मार्ग व ब्रिज क्षतिग्रस्त हो गए। भारतीय सेना ने श्रीलंका में क्षतिग्रस्त हुए ऐसे ही मुख्य मार्ग पर एक ब्रिज का निर्माण किया है। इससे श्रीलंका में इस हिस्से में सड़क संपर्क एक बार फिर से बहाल हो गया है। चक्रवात से प्रभावित श्रीलंका की मदद के लिए भारत ने ऑपरेशन सागर बंधु शुरू किया था। इसके अंतर्गत भारतीय सेना के इंजीनियर टास्क फोर्स ने अब श्रीलंका के मध्य प्रांत में महत्वपूर्ण संपर्क बहाल किया है। यहां बी-492 राजमार्ग पर कैंडी–नुवारा एलिया को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर तीसरे बेली ब्रिज का सफल निर्माण और उद्घाटन किया गया है। यह पुल क्षेत्र में आवागमन, राहत सामग्री की आपूर्ति व अन्य व्यवस्थाओं के लिए एक महत्वपूर्ण जीवनरेखा सिद्ध होगा।
पुल का औपचारिक उद्घाटन श्रीलंका में भारत के उप उच्चायुक्त डॉ. सत्यांजल पांडेय तथा नुवारा एलिया से श्रीलंका के संसद सदस्य मंजुला सुरावीरा अराच्ची द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस अवसर पर स्थानीय प्रशासन और समुदाय के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। गौरतलब है कि श्रीलंका का बी-492 राजमार्ग, कैंडी और नुवारा एलिया जिलों के बीच एक प्रमुख संपर्क मार्ग है।
चक्रवात दित्वाह से हुई भारी क्षति के कारण यह मार्ग एक महीने से अधिक समय तक बाधित रहा। इस बाधा के कारण स्थानीय लोगों की आवाजाही, क्षेत्र के लोगों के लिए आवश्यक आपूर्ति श्रृंखलाओं और आवश्यक सेवाओं पर गंभीर प्रभाव पड़ा था। भारत की मानवीय सहायता एवं आपदा राहत अभियान के अंतर्गत बेली ब्रिज का त्वरित निर्माण और कमीशनिंग क्षेत्र में संपर्क को बहाल करने में निर्णायक रहा।
सेना के मुताबिक इसके परिणामस्वरूप नागरिक आवागमन पुनः सुचारु हो गया है। साथ ही आर्थिक गतिविधियों के पुनर्जीवन को भी बल मिला है। भारतीय सेना की यह महत्वपूर्ण पहल श्रीलंका के प्रति भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित करती है। यह भारत की नेबरहुड फर्स्ट नीति के व्यावहारिक क्रियान्वयन का सशक्त उदाहरण भी प्रस्तुत करती है। श्रीलंका में आए इस संकट के समय में स्थायी साझेदारी, एकजुटता और सहायता के माध्यम से भारत–श्रीलंका संबंधों की मजबूती परिलक्षित होती है।

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