चांदी हुई धड़ाम! चंद घंटों में 21,000 रुपये टूटे दाम
मुंबई, हफ्ते के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को देश के वायदा बाजार में चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक उठापटक देखने को मिली। निवेशकों ने आज चांदी में एक ही दिन में आसमान छूती तेजी और फिर पाताल जैसी गिरावट, दोनों का नजारा देखा। सुबह बाजार खुलते ही चांदी ने इतिहास रच दिया और पहली बार 2.54 लाख रुपये का स्तर पार कर लिया, लेकिन यह खुशी ज्यादा देर नहीं टिक सकी। महज कुछ ही घंटों के भीतर चांदी की कीमतों में 21,000 रुपये से ज्यादा की भारी गिरावट दर्ज की गई, जिसने निवेशकों की सांसें अटका दीं।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज के आंकड़ों ने आज सबको चौंका दिया। सुबह 9 बजे बाजार खुलते ही चांदी में 14,000 रुपये से ज्यादा का जबरदस्त उछाल आया और कीमत 2,54,174 रुपये प्रति किलोग्राम के अपने लाइफ टाइम हाई पर पहुंच गई। हालांकि, रिकॉर्ड हाई बनाने के बाद बाजार में बिकवाली का ऐसा दौर शुरू हुआ कि करीब 12:20 बजे तक चांदी अपने ऊपरी स्तर से 8 फीसदी से ज्यादा टूटकर 2,33,120 रुपये पर आ गई। यानी महज 3 घंटे में कीमत 21,000 रुपये नीचे गिर गई। दोपहर तक बाजार में थोड़ी रिकवरी देखी गई, लेकिन दबाव लगातार बना हुआ था।
रिकॉर्ड स्तर से चांदी के अचानक 21 हजार रुपये टूटने के पीछे बाजार के जानकार मुख्य रूप से तीन वजहें मान रहे हैं। सबसे बड़ा कारण जबरदस्त प्रॉफिट बुकिंग है। कीमतें जैसे ही रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचीं, निवेशकों ने अपना मुनाफा निकालना शुरू कर दिया, जिससे बाजार में भारी बिकवाली का दबाव बना। दूसरा और अहम कारण रूस-यूक्रेन शांति वार्ता है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के बीच युद्ध समाप्त करने को लेकर सार्थक बातचीत की खबरें आई हैं। ट्रंप ने कहा कि वे समझौते के बहुत करीब हैं। युद्ध के तनाव में कमी आने की उम्मीद से सोने-चांदी जैसी सुरक्षित निवेश संपत्तियों की मांग घट गई है, जिसका सीधा असर कीमतों पर दिखा।
भारतीय बाजार की तरह अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी की चाल ऐसी ही रही। सोमवार को ग्लोबल मार्केट में चांदी पहली बार 80 डॉलर प्रति औंस के पार निकल गई थी। लेकिन शांति वार्ता की खबरों के बाद मुनाफावसूली हावी हुई और कीमतें गिरकर 75 डॉलर प्रति औंस से भी नीचे आ गईं। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव कम होने के संकेतों ने बुलियन मार्केट की चमक थोड़ी फीकी कर दी है।
