February 17, 2026

उस्मान हादी की मौत पर घिरी यूनुस सरकार

इंकलाब मंच का अल्टीमेटम- 24 दिन में हो फैसला

ढाका, बांग्लादेश में इंकलाब मंच के प्रवक्ता उस्मान हादी की मौत के मामले में मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार अपने ही घर में घिरती नजर आ रही है। इंकलाब मंच ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए हत्या के ट्रायल को 24 दिनों के भीतर पूरा करने का अल्टीमेटम दिया है। इसके साथ ही संगठन ने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें सबसे अहम ‘बांग्लादेश में काम कर रहे भारतीयों के वर्क परमिट रद्द करने’ की मांग शामिल है।

द डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, इंकलाब मंच के सचिव अब्दुल्लाह अल जब्बार ने रविवार को ढाका के शाहबाग इलाके से यूनुस सरकार को यह चेतावनी दी। उन्होंने सख्त लहजे में कहा- हत्यारे, मास्टरमाइंड, सहयोगी, भागने में मदद करने वाले और पनाह देने वाले- इस पूरे स्क्वॉड का ट्रायल अगले 24 दिनों में पूरा हो जाना चाहिए। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इन मांगों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

संगठन की तीन प्रमुख मांगें हैं जिनमें, 24 दिनों के भीतर हत्या के मामले की सुनवाई पूरी की जाए। मंच ने तर्क दिया है कि बांग्लादेश की संप्रभुता बचाने के लिए यहां काम कर रहे भारतीयों के वर्क परमिट रद्द किए जाने चाहिए।मंच ने कहा है कि अगर भारत शरण पाए दोषियों को लौटाने से इनकार करता है, तो उनके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में केस दर्ज कराया जाए, शामिल हैं।

BSF ने हत्यारों के भारत में घुसने के दावे को बताया ‘निराधार’

दूसरी ओर, ढाका पुलिस के उस दावे को भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि हादी के हत्यारे मेघालय भाग गए हैं। ढाका महानगर पुलिस के एक अधिकारी ने दावा किया था कि दो मुख्य संदिग्ध ‘स्थानीय सहयोगियों’ की मदद से हलुआघाट सीमा के रास्ते मेघालय में प्रवेश कर गए हैं।

मेघालय में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के महानिरीक्षक (IG) ओ.पी. उपाध्याय ने पीटीआई-भाषा से कहा, “ये दावे पूरी तरह निराधार और भ्रामक हैं। इस बात का कोई सबूत नहीं है कि किसी व्यक्ति ने हलुआघाट सेक्टर से मेघालय में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार की हो। बीएसएफ को ऐसी किसी घटना की न तो सूचना मिली है और न ही कोई रिपोर्ट है।”

मेघालय पुलिस ने भी स्पष्ट किया है कि गारो पर्वतीय क्षेत्र में संदिग्धों की मौजूदगी को लेकर उनके पास कोई खुफिया जानकारी नहीं है और वे केंद्रीय एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में हैं।

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