मक्की की फसल को लगी बीमारी से किसान परेशान
बंगाणा, अजय शर्मा, जिले के किसान मक्की के उग रहे पौधों पर फॉल आर्मी वर्म बीमारी का आक्रमण होते देख कर परेशान हो गए हैं जबकि कृषि विभाग द्वारा किसानों को विभिन्न प्रकार की स्प्रे करने की सलाह दी जा रही है। समय रहते अगर इस बीमारी पर नियंत्रण नहीं हो पाया तो किसान मक्की की पैदावार लेने से वंचित हो सकते हैं। मक्की के उगते पौधों पर ही सुंडी के प्रकोप से जहां किसानों की नींद उड़ गई है वहीं विभाग भी सोच में पड़ गया है कि किसानों की मक्की की फसल को तैयार होने में 3 माह का समय लगता है। 90 दिन तक किसानों की मक्की की फसल को सुंडी कीट के हमले से कैसे बचाया जाए। जिले में 30000 हेक्टेयर भूमि पर मक्की की फसल की बिजाई की जाती है व जिले के किसान मक्की की पैदावार से अपनी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करते हो आए हैं लेकिन इस बार वातावरण में नमी के चलते उगती फसल को सुंडी के हमले से बचाना किसानों व कृषि विभाग के अधिकारियों के लिए चुनौती है।
क्या कहते हैं कृषि अधिकारी सतपाल धीमान
विभाग के अधिकारियों ने विकास खंड बंगाणा के हटली, रिवाड और जसाना के गावों का दौरा किया और उन्होंने किसानों को मक्की की फसल को फाल आर्मी वर्म से बचाने के उपाय बताए और किसानों को सुंडी से बचाने के लिए बताया कि किसान सुंडी से बचाव के लिए कोरेजन या फिर एमामेक्टन बेंजोएट नामक दवाई का 0.4ml.प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर पन्द्रह से बीस दिन के अन्तराल में छिड़काव करें।
