February 18, 2026

सुखबीर बादल ने उठाए पंजाब पुलिस की जांच पर सवाल

चंडीगढ़: कर्नल बाठ पर हमले के मामले में पंजाब पुलिस व सरकार पर उठे सवालों के बाद अब पूर्व उपमुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल ने भी उन पर हुए हमले के मामले में जांच को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने अपने ऊपर हुए जानलेवा हमले की जांच को पक्षपातपूर्ण और राजनीतिक प्रभाव से ग्रसित बताते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले की जांच स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए।

बादल ने याचिका में कहा है कि 4 दिसंबर 2024 को जब वह अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर के घंटाघर देहरी पर सेवा कर रहे थे, तभी उन पर हमला किया गया। हालांकि उनकी सुरक्षा टीम की सतर्कता से हमला नाकाम हो गया।

उनके वकीलों अर्शदीप सिंह और अर्शदीप सिंह कलेर के माध्यम से दाखिल याचिका में आरोप लगाया गया है कि जांच एजेंसी ने प्राथमिकी और अंतिम रिपोर्ट में तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया है। एफआईआर देरी से दर्ज की गई और वह भी ऐसे व्यक्ति के बयान पर जो प्रत्यक्षदर्शी नहीं था। यहां तक कि खुद याचिकाकर्ता का बयान तक दर्ज नहीं किया गया।

बादल ने कहा कि आरोपी जो पहले से आपराधिक रिकॉर्ड वाला और कथित आतंकी है, उसे जांच की खामियों के कारण जमानत मिल गई। सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों से एक गहरी साजिश की ओर इशारा मिलता है, जिसमें कई अन्य लोग शामिल हो सकते हैं, जिनकी जांच तक नहीं की गई।

उन्होंने हाई कोर्ट से अपील की कि इस मामले में राजनीतिक हस्तक्षेप और जांच में साफ झलकते पक्षपात को देखते हुए इसकी निष्पक्ष जांच केवल किसी स्वतंत्र एजेंसी से ही संभव है। अदालत से उन्होंने त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके।

बता दें, पटियाला में कर्नल बाठ व उनके बेटे पर हमला हुआ था। हमले का आरोप पुलिसकर्मियों पर लगा। जांच को लेकर कर्नल बाठ ने असंतुष्टि जताई थी, जिसके बाद वह पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट पहुंचे। हाई कोर्ट ने अब मामले की जांच चंडीगढ़ पुलिस को सौंपी है।

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